चंडीगढ़ । हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल लगातार लंबी होती जा रही है। कर्मचारियों ने आंदोलन को 9 सितंबर तक बढ़ाने का फैसला किया है। करीब 32 दिनों से जारी हड़ताल के कारण कई शहरों में सफाई व्यवस्था प्रभावित होने के बीच शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय ने भी सख्त रुख अपनाने के संकेत दिए हैं। सरकार हड़ताल पर रोक लगाने के लिए आवश्यक सेवा अनुरक्षण कानून (एस्मा) के तहत कार्रवाई पर विचार कर रही है। सोमवार को अलग-अलग जिलों में दर्ज मामलों में नामजद 17 कर्मचारियों पर बर्खास्तगी की कार्रवाई किए जाने की बात सामने आई है।
हरियाणा नगर पालिका कर्मचारी संघ के राज्य प्रधान नरेश शास्त्री ने कहा कि कर्मचारियों को उत्पीड़न, पुलिस कार्रवाई या नौकरी से हटाने की धमकियों से डराया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार कर्मचारियों की मांगों, खासकर नियमितीकरण से जुड़े मुद्दों पर ठोस फैसला नहीं करती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
फरीदाबाद में कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा वाहन पर चढ़कर हंगामा करने के आरोप में सफाई कर्मचारी यूनियन के जिला प्रधान बलवीर को निलंबित कर दिया गया है। इस मामले में जिला प्रधान समेत छह कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। वहीं हिसार में डोर-टू-डोर सफाई अभियान के दौरान नगर निगम कर्मचारियों के साथ कथित मारपीट, सफाई वाहन के शीशे तोड़ने और सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामले में सिविल लाइन थाना पुलिस ने सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान सुरेंद्र उर्फ गोलू को गिरफ्तार किया है। भिवानी में मुख्यमंत्री की जनसभा के दौरान हड़ताली कर्मचारी नेताओं को पुलिस ने बवानीखेड़ा थाने में नजरबंद किया था, जिन्हें कार्यक्रम समाप्त होने के बाद छोड़ दिया गया।
हरियाणा में निकाय कर्मचारियों की सबसे लंबी हड़ताल का रिकॉर्ड वर्ष 1996-97 में बना था। उस दौरान 16 दिसंबर 1996 से 4 मार्च 1997 तक करीब 79 दिनों तक हड़ताल चली थी। उस समय कर्मचारियों की मुख्य मांग ट्रेजरी के माध्यम से वेतन जारी करने से जुड़ी थी।
अग्निशमन विभाग के कर्मचारी भी 6 अगस्त से हड़ताल पर हैं। राज्य प्रधान राजेंद्र सिंह और राज्य महासचिव गुलशन भारद्वाज के अनुसार उनकी हड़ताल भी 9 सितंबर तक बढ़ाई गई है। अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा निदेशालय ने हड़ताल में शामिल होने और सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना ड्यूटी से अनुपस्थित रहने पर गुरुग्राम में पालिका रोल पर नियुक्त एक कर्मचारी को निलंबित किया है। इसके अलावा तीन एचकेआरएनएल कर्मचारियों को बर्खास्त करने के आदेश जारी किए गए हैं।
ग्रामीण सफाई कर्मचारियों ने भी सरकार पर समझौते के बावजूद मांगें पूरी नहीं करने का आरोप लगाया है। ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन के राज्य प्रधान बसाऊराम के अनुसार 29 मई को पानीपत में 18 में से 17 मांगों पर सहमति बनी थी, लेकिन अभी तक उन पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसके विरोध में कर्मचारी 11 सितंबर से पंचायत मंत्री के पानीपत जिले के मतलौडा स्थित कार्यालय पर तीन दिन का पड़ाव डालेंगे। इसके बाद 14 सितंबर को मतलौडा से कुरुक्षेत्र और 15 सितंबर को कैथल से कुरुक्षेत्र तक पदयात्रा निकाली जाएगी। 20 सितंबर को कुरुक्षेत्र में मुख्यमंत्री आवास पर राज्यस्तरीय आक्रोश प्रदर्शन का कार्यक्रम भी तय किया गया है।
इधर, हरियाणा पंचायती राज इंजीनियर्स एसोसिएशन ने भी आंदोलन का ऐलान किया है। एसोसिएशन के राज्य प्रधान महेंद्र सिंह यादव के मुताबिक सोमवार से 10 सितंबर तक करीब 1300 जेई, एसडीओ और एक्सईएन हड़ताल पर रहेंगे। इंजीनियरों की मांग है कि लोक निर्माण विभाग और जनस्वास्थ्य विभाग की तर्ज पर पंचायती राज विभाग के इंजीनियरों को स्वतंत्र कार्य व्यवस्था दी जाए और जेई के 809 पदों को बरकरार रखा जाए।
हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों में भी नाराजगी बनी हुई है। कर्मचारियों का आरोप है कि अर्जित अवकाश में 50 प्रतिशत तक कटौती की जा रही है। पदोन्नति, वेतन वृद्धि और अन्य मांगों को लेकर परिवहन मंत्री अनिल विज के साथ साझा मोर्चे की 8 सितंबर को वार्ता प्रस्तावित है। कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि बातचीत से समाधान नहीं निकला तो 21 और 22 सितंबर को रोडवेज कर्मचारी दो दिवसीय हड़ताल पर जा सकते हैं।
वहीं आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स यूनियन ने भी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी है। यूनियन की राज्य प्रधान रूपा राणा के अनुसार 20 अगस्त को महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी के आवास पर प्रदर्शन के बाद 17 सितंबर को चंडीगढ़ में वार्ता तय हुई थी। फिलहाल बकाया मानदेय भेजे जाने की जानकारी दी गई है, लेकिन अन्य मांगों पर समाधान नहीं हुआ तो 17 सितंबर के बाद राज्यस्तरीय बैठक बुलाकर आगे के आंदोलन पर फैसला लिया जाएगा।







