चंडीगढ़ | हरियाणा के खेल विभाग में दो उच्च अधिकारियों के बीच ठगी को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। विभाग में डिप्टी डायरेक्टर पद पर तैनात अंतरराष्ट्रीय पैरालंपिक खिलाड़ी रामपाल चाहर ने अपने ही समकक्ष अधिकारी नरेंद्र सहरावत पर 48.70 लाख रुपये की ठगी का मामला दर्ज कराया है। आरोप है कि नरेंद्र ने मकान बेचने के नाम पर यह रकम ली, लेकिन न तो रजिस्ट्री करवाई और न ही पूरी रकम लौटाई।
दोनों अधिकारी खेल कोटे से हुए नियुक्त
जानकारी के मुताबिक, रामपाल और नरेंद्र दोनों ही खेल कोटे से हरियाणा खेल विभाग में नियुक्त हुए थे और वर्तमान में डिप्टी डायरेक्टर पद पर कार्यरत हैं। रामपाल जहां गुरुग्राम, वहीं नरेंद्र पंचकूला में तैनात हैं। दोनों खिलाड़ी रह चुके हैं—रामपाल अंतरराष्ट्रीय पैरालंपिक खिलाड़ी और नरेंद्र अंतरराष्ट्रीय स्तर के एथलीट।
सोनीपत में मकान खरीद को लेकर हुआ था सौदा
रामपाल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वर्ष 2023 में नरेंद्र सहरावत से सोनीपत के सेक्टर-23 में स्थित मकान को खरीदने को लेकर बात हुई थी। दोनों के बीच 68 लाख रुपये में सौदा तय हुआ, जिसके तहत रामपाल ने 63.20 लाख रुपये अलग-अलग किश्तों में नरेंद्र को दे दिए। इनमें से 55.30 लाख रुपये बैंक ट्रांसफर के माध्यम से दिए गए, जबकि बाकी कैश और ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए।
रजिस्ट्री टलती रही, दिए गए चेक भी बाउंस
रामपाल के अनुसार, जनवरी 2024 में रजिस्ट्री की तारीख तय हुई थी, लेकिन नरेंद्र ने बैंक लोन की बात कहकर तारीख आगे बढ़वा दी। बाद में जब रामपाल ने मकान की रजिस्ट्री को लेकर दबाव बनाया, तो नरेंद्र ने 20 मार्च 2024 की तारीख के दो चेक दिए—जो बाउंस हो गए। इसके बाद नरेंद्र ने फोन उठाना बंद कर दिया और फिलीपींस चले गए। बाद में केवल 14.50 लाख रुपये वापस किए, न तो रजिस्ट्री करवाई और न ही बाकी रकम लौटाई।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
आरोपों के अनुसार, कई बार संपर्क की कोशिश के बावजूद नरेंद्र ने कोई जवाब नहीं दिया, जिसके बाद रामपाल ने पुलिस में शिकायत दी। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।







