टोहाना। पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के प्रवक्ता अनूप कुमार अपनी मांगों और न्याय की मांग को लेकर पिछले नौ दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हैं। उन्होंने बताया कि वह 20 अगस्त से अनशन कर रहे हैं और जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया है।
अनूप कुमार ने आरोप लगाया कि एसआईआर कार्य शुरू होने के बाद से नायब तहसीलदार और टोहाना के एसडीएम आकाश शर्मा की ओर से उन्हें लगातार मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन पर जातिगत दुर्भावना के साथ कार्रवाई करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस संबंध में उन्होंने सीएम विंडो पर शिकायत भी दर्ज कराई थी।
प्रवक्ता का आरोप है कि शिकायत वापस लेने के लिए उन पर दबाव बनाया गया और नौकरी से हटाने की धमकी दी गई। उन्होंने दावा किया कि जब उनके खिलाफ कोई ठोस मामला नहीं मिला तो साजिश के तहत स्कूल के बच्चों के माध्यम से उनके खिलाफ झूठा और निराधार मामला दर्ज कराया गया। अनूप कुमार ने कहा कि वह पहले मानसिक रूप से स्वस्थ थे, लेकिन पिछले करीब साढ़े तीन महीने से कथित प्रताड़ना के कारण वह लगातार तनाव में हैं।
उन्होंने स्कूल प्रशासन पर भी गंभीर आरोप लगाए। अनूप कुमार के मुताबिक, स्कूल परिसर में पेड़ों की कथित तौर पर अवैध कटाई कर उन्हें बिना निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के बेच दिया गया। उन्होंने इस मामले की शिकायत एसडीएम से की थी। उनका आरोप है कि इसके बाद से प्राचार्य देवेंद्र कुमार और कुछ अन्य कर्मचारी प्रशासन के दबाव में उन्हें परेशान कर रहे हैं।
अनूप कुमार के समर्थन में कई सामाजिक और कर्मचारी संगठन भी सामने आए हैं। अधिवक्ता पीएस फानर ने बताया कि बहुजन समाज पार्टी, बहुजन मोर्चा, सर्व कर्मचारी संघ, डॉ. बीआर अंबेडकर चैरिटेबल ट्रस्ट खेड़ा, अन्नदाता किसान यूनियन और गुरु रविदास मंदिर सभा टोहाना समेत कई संगठनों ने प्रवक्ता के आंदोलन को समर्थन दिया है।
समर्थन कर रहे संगठनों के प्रतिनिधियों के अनुसार, इस मामले को लेकर प्रशासन के साथ बातचीत भी हुई है। डीसी के साथ हुई वार्ता में समस्या के समाधान का आश्वासन दिया गया था। इसके बावजूद मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होने से संगठनों में नाराजगी बनी हुई है।
सामाजिक संगठनों ने प्रशासन को दो दिन का समय दिया है। उनका कहना है कि यदि इस अवधि में अनूप कुमार की मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं की गई तो 31 अगस्त को दोपहर तीन बजे टोहाना में बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। संगठनों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर विवाद का जल्द समाधान करने की मांग की है।







