अंबाला (अंकुर कपूर)। रक्षाबंधन भाई-बहन के प्यार और विश्वास का त्योहार है, लेकिन अंबाला के ऑब्जर्वेशन होम में इस बार यह पर्व कुछ अलग अंदाज में मनाया गया। परिवार से दूर रह रहे बच्चों की कलाई पर जब राखी बांधी गई तो माहौल भावुक हो गया। कई बच्चों को इस दौरान अपने परिवार और बहनों की याद आ गई और उनकी आंखें नम हो गईं।
कलाधारा ग्रुप और समाजसेवी विशाल वर्मा की ओर से ऑब्जर्वेशन होम में रक्षाबंधन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान बच्चों की कलाई पर राखी बांधी गई, माथे पर तिलक लगाया गया और मिठाई खिलाकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
राखी बांधने के दौरान कई बच्चों के चेहरे पर खुशी के साथ अपनों से दूर होने का दर्द भी नजर आया। किसी ने चुपचाप राखी को निहारा तो किसी ने मुस्कुराते हुए इस पल को यादगार बनाया। कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को यह एहसास कराने का प्रयास किया गया कि समाज उनके साथ खड़ा है और उन्हें अपनापन देने वाले लोग मौजूद हैं।
समाजसेवी विशाल वर्मा ने कहा कि त्योहार हर किसी के लिए होते हैं। इसी सोच के साथ ऑब्जर्वेशन होम में रहने वाले बच्चों के साथ रक्षाबंधन मनाया गया, ताकि उन्हें परिवार से दूर होने का एहसास कम हो और समाज के प्रति विश्वास मजबूत हो।
कलाधारा ग्रुप के सदस्यों ने बताया कि बच्चों की कलाई पर राखी बांधने के साथ उनसे एक खास वादा भी लिया गया। बच्चों ने संकल्प लिया कि ऑब्जर्वेशन होम से बाहर निकलने के बाद वे दोबारा किसी गलत या आपराधिक गतिविधि का हिस्सा नहीं बनेंगे और बेहतर भविष्य की ओर आगे बढ़ेंगे।
कार्यक्रम में सीडब्ल्यूसी की चेयरमैन रंजीता मेहता भी मौजूद रहीं। उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों के साथ रक्षाबंधन मनाना सकारात्मक सोच का उदाहरण है। ऐसे आयोजनों से बच्चों को यह संदेश मिलता है कि समाज उन्हें अकेला नहीं छोड़ रहा, बल्कि उनके बेहतर भविष्य के लिए उनके साथ खड़ा है।
रंजीता मेहता ने कहा कि बच्चों को अपने जीवन में गलत रास्ते से दूर रहकर आगे बढ़ने और सकारात्मक सोच के साथ भविष्य बनाने का संदेश दिया गया है। कार्यक्रम ने यह संदेश भी दिया कि अपनापन और संवेदनशीलता किसी रिश्ते को मजबूत बनाने के लिए बेहद जरूरी है।







