फतेहाबाद। खराब गुणवत्ता वाले ई-रिक्शा, लगातार आ रही तकनीकी खामियों और वारंटी संबंधी शिकायतों के समाधान न होने से परेशान एक युवक ने रविवार को अपना ई-रिक्शा आग के हवाले कर दिया। इस दौरान उसने आत्मघाती कदम उठाने की भी कोशिश की, लेकिन परिजनों और आसपास मौजूद लोगों की सतर्कता से उसे सुरक्षित बचा लिया गया।
शहर की अग्रवाल कॉलोनी निवासी मंजीत ने बताया कि उन्होंने अपने भाइयों और दोस्तों के साथ मिलकर रोजगार के उद्देश्य से करीब छह से सात ई-रिक्शा खरीदे थे। इन वाहनों की खरीद के लिए उन्होंने कर्ज लेकर लगभग 8 से 8.5 लाख रुपये का निवेश किया था। उम्मीद थी कि ई-रिक्शा के जरिए परिवार की आजीविका बेहतर होगी, लेकिन कुछ ही महीनों में सभी वाहन समस्याओं का कारण बन गए।
मंजीत का आरोप है कि ई-रिक्शा खरीदते समय एजेंसी संचालक ने न तो उन्हें पक्का बिल दिया और न ही कोई वैध वारंटी कार्ड उपलब्ध कराया। इसके बावजूद एजेंसी की बातों पर भरोसा कर उन्होंने वाहन खरीद लिए। उनका कहना है कि खरीद के महज दो से तीन महीने के भीतर ही ई-रिक्शा की बैटरियों और अन्य तकनीकी हिस्सों में गंभीर खराबियां सामने आने लगीं।
पीड़ित के अनुसार, जब भी वे और उनके साथी शिकायत लेकर एजेंसी पहुंचे, उन्हें हर बार जल्द समाधान का आश्वासन देकर वापस भेज दिया गया, लेकिन समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं किया गया। लगातार बढ़ते आर्थिक नुकसान, किस्तों और कर्ज के दबाव ने उनकी परेशानी को और बढ़ा दिया।
मंजीत ने कहा कि रोजगार का सहारा बनने वाले ई-रिक्शा अब उनके लिए आर्थिक संकट का कारण बन गए हैं। लंबे समय से शिकायतों पर कार्रवाई न होने और नुकसान बढ़ने से आहत होकर उन्होंने विरोध स्वरूप अपना ई-रिक्शा जला दिया। घटना के दौरान उन्होंने आत्मघाती कदम उठाने का भी प्रयास किया, लेकिन परिजनों और स्थानीय लोगों ने समय रहते हस्तक्षेप कर उन्हें बचा लिया।
घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। पीड़ित ने संबंधित एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई और हुए नुकसान की भरपाई की मांग की है। वहीं, स्थानीय लोगों ने भी मामले की निष्पक्ष जांच कर उपभोक्ता को न्याय दिलाने की मांग उठाई है।







