चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने प्रदेश के युवाओं के रोजगार, कौशल विकास और तकनीकी प्रशिक्षण को नई दिशा देने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) पास करने वाले ऐसे बेरोजगार युवाओं को, जिन्हें दो वर्ष तक रोजगार नहीं मिल पाएगा, 1 नवंबर से सक्षम युवा योजना के तहत मानदेय प्रदान किया जाएगा। योजना के तहत युवाओं को पहले 100 घंटे का कार्य भी उपलब्ध कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री विकसित भारत विजन-2047 के तहत आयोजित रोजगार, कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग तथा हरियाणा कौशल विकास मिशन की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण और आधुनिक तकनीकों से जोड़ने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य कर रही है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में 5 लाख 40 हजार 428 CET पास युवा इस योजना के दायरे में आएंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री विकसित भारत योजना के अंतर्गत हरियाणा देश के शीर्ष 10 राज्यों में शामिल हुआ है और इस पहल के माध्यम से अब तक 51 हजार युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा चुके हैं।
प्रदेश को उभरती तकनीकों का केंद्र बनाने की दिशा में सरकार पंचकूला और गुरुग्राम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) हब स्थापित करेगी। इसके अलावा दो लाख युवाओं को हार्ड स्किल प्रशिक्षण देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आईटीआई और कौशल विकास से संबंधित संपूर्ण डाटा एआई आधारित पोर्टल पर उपलब्ध कराया जाए, ताकि उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार किए जा सकें।
मुख्यमंत्री ने फतेहाबाद में श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय केंद्र की स्थापना की भी घोषणा की। यह केंद्र सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में कार्य करेगा। वहीं, कुरुक्षेत्र के उमरी में राज्य स्तरीय स्किल फैकल्टी ट्रेनिंग एवं आर्ट-कल्चर सेंटर स्थापित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त फतेहाबाद, सुल्तानपुर और अन्तेड़ी में उद्यमिता विकास केंद्र खोले जाएंगे, जहां युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा।
तकनीकी शिक्षा को मजबूत करने के लिए सरकार ने सभी आईटीआई संस्थानों के चरणबद्ध आधुनिकीकरण की योजना भी तैयार की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में प्रत्येक ब्लॉक तक आईटीआई की पहुंच सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में प्रदेश के 143 में से 117 ब्लॉकों में आईटीआई संचालित हैं। झोझू कलां, कारीरूपा, रणकौली और पिल्लूखेड़ा में नई आईटीआई स्थापित की जाएंगी, जबकि बरवाला, बसंतपुर और नलवी खुर्द में नए भवनों का निर्माण जारी है।
युवाओं को भविष्य की तकनीकों के अनुरूप प्रशिक्षित करने के लिए करनाल, पंचकूला और पानीपत में एआई, रोबोटिक्स और ड्रोन प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों में अत्याधुनिक मशीनें और प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिन पर करीब 20 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि सितंबर में चीन में आयोजित विश्व स्तरीय कौशल प्रतियोगिता में हरियाणा के चयनित प्रतिभागी यदि पदक जीतते हैं तो उन्हें 10 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि के साथ रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कौशल विकास और औद्योगिक प्रशिक्षण से जुड़ी योजनाओं की प्रत्येक तीन महीने में समीक्षा की जाए, ताकि युवाओं को समय पर लाभ मिल सके।
प्रदेश सरकार का मानना है कि रोजगार, कौशल विकास और आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण के क्षेत्र में किए जा रहे ये प्रयास हरियाणा को देश के अग्रणी स्किल हब के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।







