यमुनानगर। हरियाणा को नशामुक्त बनाने के संकल्प के साथ रविवार को यमुनानगर में आयोजित ‘नशे से जंग, यमुनानगर के संग’ जन-जागरूकता मैराथन ने नया इतिहास रच दिया। जगाधरी के मटका चौक से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अभियान में 1.16 लाख से अधिक लोगों के पंजीकरण ने इसे प्रदेश के सबसे बड़े नशा विरोधी जनआंदोलनों में शामिल कर दिया।
मैराथन के शुभारंभ के बाद मुख्यमंत्री ने प्रतिभागियों पर पुष्पवर्षा कर उनका उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में युवाओं, महिलाओं, बुजुर्गों और विभिन्न सामाजिक संगठनों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। आयोजन का उद्देश्य समाज में नशे के खिलाफ व्यापक जनजागरूकता फैलाना और युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
आयोजकों के अनुसार मैराथन के लिए कुल 1,16,451 लोगों ने पंजीकरण कराया, जिनमें 76,411 पुरुष और 38,540 महिलाएं शामिल रहीं। पांच किलोमीटर की दौड़ में 1,15,183 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जबकि 10 किलोमीटर श्रेणी में 1,268 धावकों ने अपनी भागीदारी दर्ज कराई। मटका चौक से शुरू हुई मैराथन शहर के विभिन्न मार्गों से होकर निर्धारित स्थान तक पहुंची।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने संबोधन में कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज का भविष्य बर्बाद कर देता है। उन्होंने कहा कि नशा दीमक की तरह परिवारों को खोखला कर देता है, इसलिए इसके खिलाफ समाज के हर वर्ग को एकजुट होकर लड़ाई लड़नी होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ‘नशामुक्त हरियाणा’ के लक्ष्य को साकार करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है और युवाओं को खेल, शिक्षा तथा सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
मैराथन को लेकर जिला प्रशासन ने कई दिनों पहले से व्यापक तैयारियां की थीं। जगाधरी और यमुनानगर के प्रमुख चौराहों को आकर्षक रोशनी, सजावटी पौधों और नशा विरोधी संदेशों वाले पोस्टरों से सजाया गया था। सुरक्षा व्यवस्था, पेयजल, चिकित्सा सुविधाओं और यातायात प्रबंधन के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे, जिसके चलते आयोजन शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।
इसी दौरान मैराथन में शामिल एक बच्ची अचानक बेहोश होकर सड़क पर गिर गई। घटना की सूचना मिलते ही नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त धीरज कुमार ने तत्परता दिखाते हुए बच्ची को अपनी सरकारी गाड़ी से तत्काल अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने तुरंत उसका उपचार शुरू किया और उसकी हालत पर निगरानी रखी। समय पर चिकित्सा सहायता मिलने से बच्ची को राहत मिली। धीरज कुमार की त्वरित कार्रवाई की मौके पर मौजूद लोगों और प्रतिभागियों ने सराहना की।
इस अवसर पर कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, यमुनानगर विधायक घनश्याम दास अरोड़ा, नगर निगम की मेयर सुमन बहमनी, पूर्व मंत्री कंवरपाल गुर्जर, भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश सपरा सहित प्रशासन और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। आयोजन के माध्यम से सरकार ने नशे के खिलाफ जनभागीदारी को मजबूत करने का संदेश देते हुए युवाओं से नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।







