अंकुर कपूर,अंबाला | अंबाला छावनी में ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगाए गए सिग्नल और सीसीटीवी कैमरों के बावजूद लोग खुलेआम ट्रैफिक नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। कई प्रमुख चौक-चौराहों पर वाहन चालक रेड लाइट जंप करते नजर आ रहे हैं, जिससे सड़क हादसों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों ने भी नियमों का पालन करने और प्रशासन से सख्ती बरतने की मांग की है।
शहर में यातायात को व्यवस्थित करने और दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से कैबिनेट मंत्री अनिल विज की पहल पर कई प्रमुख चौक-चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल और सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। इनका मकसद नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नजर रखना और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाना था। हालांकि, इसके बावजूद कई वाहन चालक बिना किसी डर के रेड लाइट पार करते दिखाई दे रहे हैं।
स्थानीय निवासी पवन बंगा और राजिंदर कुमार का कहना है कि ट्रैफिक सिग्नल लोगों की सुरक्षा के लिए लगाए गए हैं, इसलिए प्रत्येक वाहन चालक को उनका पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि रेड लाइट जंप करने से न केवल नियम तोड़ने वाले की जान खतरे में पड़ती है, बल्कि अन्य राहगीरों और वाहन चालकों की सुरक्षा भी प्रभावित होती है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि चौक-चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरे पूरी तरह सक्रिय हैं या नहीं।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की कि ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाए, ताकि लोगों में नियमों के प्रति जागरूकता बढ़े और सड़क हादसों पर रोक लगाई जा सके।
इस मामले में अंबाला छावनी के डीएसपी कुलदीप सिंह ने कहा कि चौकों पर लगे सीसीटीवी कैमरों को लेकर एसडीएम से बातचीत की जाएगी। उन्होंने कहा कि कैमरों को पूरी तरह सक्रिय करने और ट्रैफिक व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। साथ ही पुलिस यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए लगातार प्रयास करेगी।
प्रशासन का मानना है कि ट्रैफिक नियमों का पालन और निगरानी व्यवस्था मजबूत होने से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी तथा शहर में सुरक्षित और सुचारु यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जा सकेगी।







