सुंदर कुंडू ,पलवल। केंद्र सरकार की नमो ड्रोन दीदी योजना ग्रामीण महिलाओं को आधुनिक कृषि तकनीक से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अहम पहल साबित हो रही है। योजना के तहत महिला स्वयं सहायता समूहों को सब्सिडी पर कृषि ड्रोन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। साथ ही उन्हें ड्रोन संचालन का निःशुल्क प्रशिक्षण देकर खेती में नई तकनीक अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
पलवल जिले के गांव बड़ौली निवासी शालू ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण पूरी तरह निशुल्क दिया जाता है और ड्रोन खरीदने पर सरकार कुल लागत का 80 प्रतिशत तक अनुदान प्रदान करती है।
उन्होंने बताया कि कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से महिलाओं को ड्रोन उड़ाने का प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उन्हें ड्रोन पायलट सर्टिफिकेट भी प्रदान किया जाता है। इसके बाद प्रशिक्षित महिलाएं किसानों को किराये पर ड्रोन सेवाएं देकर हर वर्ष करीब एक लाख रुपये तक की अतिरिक्त आय अर्जित कर सकती हैं।
श्रीमती शालू के अनुसार, ड्रोन तकनीक से खेतों में कीटनाशकों और उर्वरकों का छिड़काव कम समय में और अधिक प्रभावी तरीके से किया जा सकता है। इससे किसानों की लागत घटती है, कीटनाशकों की बचत होती है और खेती अधिक आधुनिक व सुविधाजनक बनती है। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं से इस योजना का लाभ उठाकर आर्थिक रूप से मजबूत बनने की अपील भी की।
उन्होंने बताया कि पलवल जिले में अब तक पांच महिलाएं नमो ड्रोन दीदी योजना से जुड़ चुकी हैं। इनमें प्रियंका (बड़ौली, हसनपुर), बबीता (रिंडका, हथीन), रेखा देवी (भिडूकी, होडल), मीरा (घरौट, हथीन) और शालू (बड़ौली, पलवल) शामिल हैं।
जिला प्रशासन के अनुसार, खरीफ सीजन में ड्रोन के माध्यम से 5 हजार एकड़ क्षेत्र में कीटनाशकों के छिड़काव का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य को नमो ड्रोन दीदी योजना के तहत प्रशिक्षित महिला ड्रोन पायलटों की मदद से पूरा किया जाएगा। इससे न केवल आधुनिक कृषि को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि ग्रामीण महिलाओं की आय और रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होगी।







