झज्जर। हरियाणा के झज्जर जिले के गांव मुनीमपुर में रात एक दर्दनाक हादसे में तीन लोगों की जान चली गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। करीब 150 साल पुराने और पिछले 50 वर्षों से बंद पड़े एक कुएं में गिरे बछड़े को बचाने के प्रयास में चार लोग एक-एक कर कुएं में उतर गए। हादसे के बाद पूरे गांव में शोक और तनाव का माहौल है। प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस मौके पर पहुंचकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
मृतकों की पहचान गांव मुनीमपुर निवासी दलबीर पुत्र फूल सिंह, मोनू पुत्र राजबीर और बिहार निवासी श्रमिक रामू पुत्र रामदुलारे के रूप में हुई है। वहीं नरेंद्र पुत्र सत्यवान गंभीर रूप से घायल हैं और उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटना के बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिली, जिसके चलते उपायुक्त, अतिरिक्त उपायुक्त और एसडीएम गांव पहुंचे और लोगों से बातचीत की। गांव में एहतियात के तौर पर पुलिस बल भी तैनात किया गया है।
जानकारी के अनुसार रात करीब साढ़े आठ से नौ बजे के बीच गांव की चौपाल और मंदिर के पास स्थित पुराने कुएं के निकट चारों लोग बैठे हुए थे। इसी दौरान एक बछड़ा अचानक भागते हुए कुएं में गिर गया। उसे बचाने के लिए चारों बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के कुएं में उतर गए और हादसे का शिकार हो गए।
फिलहाल इस बात की जांच की जा रही है कि मौत की वजह कुएं में अधिक गहराई तक पानी था या फिर लंबे समय से बंद पड़े कुएं में जहरीली गैस जमा हो गई थी। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
घटना की सूचना मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। रात के अंधेरे में ग्रामीणों ने ट्रैक्टरों की रोशनी से बचाव कार्य शुरू कराया। बाद में फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां भी मौके पर पहुंचीं। कुएं की जर्जर स्थिति को देखते हुए जेसीबी मशीन से उसकी मुंडेर तोड़ी गई, जिसके बाद करीब दो घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन में चारों लोगों को बाहर निकाला गया। तब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी थी, जबकि नरेंद्र को गंभीर हालत में अस्पताल भेजा गया।
हादसे की सूचना मिलने पर बादली से विधायक कुलदीप वत्स भी घटनास्थल पर पहुंचे और देर रात तक गांव में मौजूद रहे। पुलिस आयुक्त डॉ. राजश्री सिंह ने भी मौके का निरीक्षण किया और अस्पताल पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी ली। पुलिस ने तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
एक साथ तीन लोगों की मौत से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पुराने और असुरक्षित कुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।







