हिसार। हरियाणा में कमजोर पड़ चुका मानसून सितंबर के पहले सप्ताह में एक बार फिर सक्रिय हो गया है। प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार तीसरे दिन बारिश दर्ज की गई। शुक्रवार को पंचकूला में 99 मिलीमीटर बारिश हुई। मौसम विभाग ने शनिवार को झज्जर, गुरुग्राम, नूंह और रेवाड़ी समेत प्रदेश के 14 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. एमएल खीचड़ के अनुसार, मानसून टर्फ की अक्षीय रेखा की उत्तरी सीमा श्रीगंगानगर, रोहतक, फतेहगढ़ और डाल्टनगंज होते हुए उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है। वहीं, उत्तरी हरियाणा के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है। इसके प्रभाव से चार सितंबर की रात से मानसून की गतिविधियों में कुछ बढ़ोतरी होने की संभावना बनी है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 5 से 7 सितंबर तक प्रदेश में मौसम परिवर्तनशील रह सकता है। इस दौरान आसमान में बादल छाए रहने और अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। उत्तरी और दक्षिणी हरियाणा के कुछ इलाकों में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और बारिश हो सकती है।
पश्चिमी हरियाणा के जिलों में भी कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम में बदलाव के चलते दिन के तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की जा सकती है, जबकि रात के तापमान में हल्की बढ़ोतरी होने के आसार हैं।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 8 सितंबर के बाद प्रदेश में मानसून की सक्रियता एक बार फिर कमजोर पड़ सकती है। फिलहाल अगले तीन दिनों के दौरान होने वाली बारिश से किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं लगातार बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव को लेकर स्थानीय प्रशासन को भी सतर्क रहने की जरूरत है।







