कैथल। कैथल जिले के सजूमा गांव में दूषित पेयजल की समस्या गंभीर स्वास्थ्य संकट का रूप लेती जा रही है। ग्रामीणों का दावा है कि पिछले 15 दिनों के दौरान हेपेटाइटिस-ए और पोलियो जैसे संक्रमण की चपेट में आने से 70 से अधिक बच्चे बीमार हो चुके हैं। वहीं, 11 वर्षीय रितिका की पीजीआई चंडीगढ़ में उपचार के दौरान मौत हो गई, जिससे पूरे गांव में शोक और चिंता का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि लगभग हर गली में बच्चे बीमार हैं और लोग भय के साये में जीवन बिता रहे हैं।
मामले की जानकारी मिलने पर कैथल के कांग्रेस विधायक आदित्य सुरजेवाला सजूमा गांव पहुंचे। उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर बीमार बच्चों का हालचाल जाना और रितिका के परिजनों को सांत्वना दी। इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि लोगों को स्वच्छ पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा भी उपलब्ध नहीं कराई जा सकती, तो यह गंभीर प्रशासनिक विफलता है।
ग्रामीणों ने विधायक को बताया कि गांव की पेयजल पाइपलाइन लंबे समय से क्षतिग्रस्त है। उनका आरोप है कि नालियों का गंदा पानी पेयजल लाइन में मिल रहा है, जिससे दूषित पानी घरों तक पहुंच रहा है। कई बार शिकायत करने के बावजूद न तो जलापूर्ति व्यवस्था में सुधार किया गया और न ही स्वास्थ्य विभाग की ओर से समय रहते प्रभावी कदम उठाए गए, जिसके कारण संक्रमण तेजी से फैल गया।
आदित्य सुरजेवाला ने सरकार से मृतक बच्ची रितिका के परिवार को तत्काल उचित मुआवजा देने, सभी बीमार बच्चों का बेहतर इलाज सुनिश्चित करने और प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कर लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही गांव में स्वच्छ पेयजल की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई। उन्होंने कहा कि इस पूरे मुद्दे को विधानसभा में प्रमुखता से उठाया जाएगा।







