रोहतक (अंकुर कपूर): रोहतक जिले में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के 17 घंटे बाद भी खेतों में तबाही के निशान दिखे। मीडिया सूत्रों के अनुसार किसानों ने सरकार को अपनी फरियाद सुनाई। उन्होंने कहा कि तेज-बारिश आंधी और ओलावृष्टि से किसानों की गेहूं और सरसों की फसल लगभग बर्बाद हो चुकी हैं। ओलावृष्टि इतनी भारी हुई कि 17 घंटे बाद भी खेतों में पड़े ओलों ने बर्फ की शक्ल ले ली। इसको लेकर किसान बुरी तरह से हताश हो चुका है।

किसानों का कहना है कि उनके पास एकमात्र साधन उनकी फसलें थी, जिससे वह अपना भरण पोषण कर सकता था। अब उनकी यह उम्मीद भी धूमिल हो चुकी है। विपक्षी नेताओं ने किसानों को ₹65000 मुआवजा देने की मांग की है तो वहीं सरकारी अधिकारी फसलों में हुए नुकसान को सरकारी पोर्टल पर दर्ज करने की बात कह रहे हैं। वहीं कांग्रेस के पूर्व ने मंत्री वह कांग्रेस नेता आनंद सिंह डांगी भी खराब हुई फसलों का मुआयना करने के लिए पहुंचे।
उन्होंने कहा कि सरकार बार-बार पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराने के बाद कहती है, जबकि किसानों को रजिस्ट्रेशन करना आता ही नहीं। इसलिए 24 घंटे के अंदर सरकार किसानों को ₹65000 मुआवजा दे, ताकि किसानों को बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि हमारे समय में भी जहां पर नुकसान होता था तो 24 घंटे के अंदर मुआवजा दिया जाता था। गौरतलब है कि रोहतक के भगवतीपुर इंदरगढ़ चांदी खरेंटी सापला आदि क्षेत्र में भारी ओलावृष्टि से फसल में 100% नुकसान हुआ है।







