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हरियाणा से जुड़ा शिमला हत्याकांड: रोहतक के कारोबारी परिवार में संपत्ति विवाद ने ली स्कूल संचालिका की जान

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रोहतक |  हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में सरस्वती पैराडाइज स्कूल की संचालिका मनीषा मित्तल की हत्या के मामले में हरियाणा कनेक्शन सामने आने के बाद सनसनी फैल गई है। शिमला पुलिस ने हत्या की साजिश रचने के आरोप में मनीषा के छोटे भाई हिमांक मित्तल को हरियाणा के रोहतक स्थित नेहरू कॉलोनी से गिरफ्तार किया है। आरोपी को मेडिकल जांच के बाद ट्रांजिट रिमांड पर शिमला ले जाया गया।

पुलिस जांच के मुताबिक, करोड़ों रुपये की स्कूल संपत्ति और पारिवारिक विवाद इस हत्या की मुख्य वजह बने। मनीषा मित्तल शिमला के प्रतिष्ठित सरस्वती पैराडाइज स्कूल का संचालन कर रही थीं, जबकि उनका परिवार मूल रूप से हरियाणा के रोहतक से जुड़ा है। जांच एजेंसियों का दावा है कि 10.3 एकड़ में फैले स्कूल और उससे जुड़ी संपत्तियों पर कब्जे को लेकर लंबे समय से भाई-बहन के बीच विवाद चल रहा था।

शिमला पुलिस के अनुसार, हिमांक ने सीधे तौर पर शूटरों से संपर्क करने के बजाय अपने करीबी दोस्त और रोहतक निवासी जिम संचालक गोविंद को बीच में इस्तेमाल किया। गोविंद के जरिए ही शूटर आशीष अहलावत और दीपक को हायर किया गया। पुलिस पहले ही दोनों शूटरों को गिरफ्तार कर चुकी है और पूछताछ में उन्होंने हिमांक व गोविंद के नाम उजागर किए हैं।

जांच में यह भी सामने आया कि हिमांक के पास रोहतक में बैठकर भी शिमला स्थित स्कूल के सीसीटीवी कैमरों का ऑनलाइन एक्सेस था। वह इसी माध्यम से अपनी बहन की गतिविधियों पर नजर रखता था। पुलिस के मुताबिक, यही जानकारी शूटरों तक पहुंचाई गई, जिसके आधार पर 13 जून को स्कूल गेट के बाहर मनीषा मित्तल की गोली मारकर हत्या कर दी गई।

मामले की जांच में पैसों के लेनदेन से जुड़े अहम सबूत भी सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार, हिमांक ने हत्या से पहले गोविंद के खाते में करीब 8.50 लाख रुपये ट्रांसफर किए थे। वहीं शूटरों को बैंक ट्रांजैक्शन और नकद रकम के जरिए भुगतान किया गया। वारदात में इस्तेमाल कार भी किराए पर उपलब्ध करवाई गई थी। पुलिस का कहना है कि घटना से पहले गोविंद विदेश चला गया था ताकि उस पर शक न हो।

इस हत्याकांड में मनीषा मित्तल का सोशल मीडिया वीडियो भी अहम सबूत माना जा रहा है। वीडियो में उन्होंने अपने भाई पर फर्जी दस्तावेज तैयार करने, करोड़ों रुपये के गबन और स्कूल सोसाइटी के चुनावों में धांधली जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने यह भी कहा था कि माता-पिता की मौत के बाद संपत्ति विवाद लगातार बढ़ता गया।

जांच एजेंसियों के मुताबिक, पारिवारिक रिश्तों में तनाव की एक वजह मनीषा की लव मैरिज भी थी। उन्होंने वर्ष 2007 में रेवाड़ी के एक डॉक्टर से प्रेम विवाह किया था, जिसका परिवार के कुछ सदस्य विरोध कर रहे थे। इसके बाद भाई-बहन के संबंध लगातार खराब होते चले गए।

फिलहाल शिमला पुलिस इस हाई-प्रोफाइल मामले में हिरासत में लिए गए आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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