सोनीपत | सोनीपत नगर निगम कार्यालय भवन का निर्माण कार्य आठ साल बीत जाने के बाद भी पूरा नहीं हो पाया है। लंबे समय से लटके इस प्रोजेक्ट को लेकर अब सरकार सख्त नजर आ रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मामले में देरी पर नाराजगी जताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, नगर निगम कार्यालय भवन के निर्माण में हो रही देरी की जांच के लिए 2025 में एक एस्टीमेट कमेटी गठित की गई थी। हालांकि अब तक कमेटी की रिपोर्ट सरकार को नहीं सौंपी गई है। रिपोर्ट में देरी को लेकर मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
इस कमेटी में गुरुग्राम नगर निगम के चीफ इंजीनियर विजय ढाका के साथ सोनीपत और पानीपत के अधिकारी शामिल हैं। चीफ इंजीनियर विजय ढाका का कहना है कि टीम को अभी तक बिल्डिंग मेजरमेंट रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। रिपोर्ट मिलने के बाद इसे मुख्यालय भेजा जाएगा।
सेक्टर-3 स्थित नगर निगम कार्यालय भवन का निर्माण वर्ष 2018 में शुरू हुआ था। शुरुआत में इसे 21 महीनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन निर्माण कार्य लगातार लंबा खिंचता चला गया। तय समय सीमा बढ़ने के साथ-साथ परियोजना की लागत में भी भारी बढ़ोतरी हुई।
प्रारंभिक रूप से इस भवन के निर्माण के लिए 52 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया था, जिसे बाद में बढ़ाकर 58 करोड़ रुपये कर दिया गया। इसके बावजूद भवन अब तक अधूरा पड़ा है। योजना के तहत पांच मंजिला कॉम्प्लेक्स बनाया जाना था, लेकिन अब तक केवल तीन मंजिलों का ही निर्माण हो सका है।
लंबे समय से अधूरी पड़ी बिल्डिंग अब धीरे-धीरे जर्जर होने लगी है। इस मामले की जांच सीएम फ्लाइंग द्वारा भी की जा चुकी है। अब सरकार की सख्ती के बाद संबंधित अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों की जवाबदेही तय होने की संभावना बढ़ गई है।







