गुरुग्राम,20 मार्च-:गुरुग्राम में स्कूलों को बम से उड़ाने की झूठी धमकी भरे ईमेल भेजने के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।आरोपी ने 28 जनवरी को कई स्कूलों को ईमेल भेजकर बम की सूचना दी थी,जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया।सूचना मिलते ही गुरुग्राम पुलिस सक्रिय हो गई और तुरंत संबंधित स्कूलों में जांच शुरू की गई।डॉग स्क्वॉड,बम डिस्पोजल स्क्वॉड और फायर ब्रिगेड की टीमों ने मौके पर पहुंचकर गहन तलाशी ली,लेकिन किसी भी तरह का विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।
इस मामले में स्कूल प्रशासन की शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम थाना में केस दर्ज किया गया।जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान की और उसे गुजरात से गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तार किए गए व्यक्ति की पहचान सौरभ विश्वास उर्फ माइकल(उम्र 30 वर्ष)के रूप में हुई है,जो मूल रूप से बांग्लादेश का रहने वाला है।पुलिस के अनुसार,वह लगभग 9 साल पहले अवैध रूप से भारत में दाखिल हुआ था और बाद में पश्चिम बंगाल में रहकर फर्जी दस्तावेज तैयार कराए।वर्तमान में वह गोविंदपल्ली,उत्तर 24 परगना (पश्चिम बंगाल) में रह रहा था।पूछताछ में सामने आया कि आरोपी डिजिटल मार्केटिंग और ग्राफिक्स डिजाइनिंग का जानकार है और पिछले पांच वर्षों से फ्रीलांसिंग का काम कर रहा था।इसी दौरान उसकी मुलाकात फेसबुक ग्रुप के जरिए एक अन्य बांग्लादेशी व्यक्ति मामुनूर राशिद से हुई।राशिद ने उससे जीमेल आईडी की मांग की और बदले में उसे यूएसडीटी क्रिप्टोकरेंसी देने का वादा किया।
लालच में आकर आरोपी ने कथित तौर पर लगभग 300 जीमेल आईडी उपलब्ध करवाई,जिसके बदले उसे 250 यूएसडीटी मिले।जांच में यह भी सामने आया कि इन्हीं में से एक ईमेल आईडी का उपयोग स्कूलों को बम की धमकी देने के लिए किया गया था।पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि कहीं आरोपी का संबंध किसी बड़े साइबर नेटवर्क या आतंकी संगठन से तो नहीं है। इसके लिए उसे कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जा रहा है,ताकि उससे गहन पूछताछ की जा सके और पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके।पुलिस का कहना है कि इस तरह की फर्जी धमकियों से आम लोगों में भय फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।







