रेवाड़ी। जिले के बावल कस्बे की वाल्मीकि बस्ती में मंगलवार रात उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब शादी से पहले निकाले जा रहे बनवारे (बारात से पूर्व जुलूस) के दौरान दो पक्षों के बीच अचानक विवाद हो गया। देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और ईंट-पत्थर तथा लाठी-डंडे चलने लगे। झड़प में कई लोग घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। एहतियात के तौर पर बस्ती में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार वाल्मीकि बस्ती निवासी राकेश के बेटे अंकित की बुधवार को सारवान गोत्र की एक युवती से शादी होनी है। मंगलवार रात दूल्हा पक्ष की ओर से बनवारा निकाला जा रहा था। इसी दौरान दूसरे पक्ष के कुछ लोगों पर घात लगाकर जुलूस पर ईंट-पत्थर और लाठी-डंडों से हमला करने का आरोप लगाया गया।
दूल्हे के चाचा और भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के पूर्व मंडल अध्यक्ष पुष्प कुमार ने आरोप लगाया कि बनवारा बस्ती से गुजर रहा था, तभी प्रेम कुमार और जगदीश समेत कुछ लोग पहले से लाठियां लेकर मौजूद थे। उन्होंने अचानक जुलूस पर ईंट-पत्थर बरसाने शुरू कर दिए और लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस हमले में उनके बेटे अमित सहित कई लोग घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में पुलिस की मौजूदगी में बनवारा निकाला गया।
बताया जा रहा है कि विवाद की वजह एक ही गोत्र में शादी को लेकर विरोध है। पुष्प कुमार का कहना है कि बस्ती में पहले भी उनके गोत्र और सारवान गोत्र के बीच आपसी सहमति से शादियां हो चुकी हैं, लेकिन इस बार कुछ लोग इसका विरोध कर रहे हैं। उनका आरोप है कि शादी को लेकर पहले भी उन्हें धमकियां दी गई थीं, जिसकी शिकायत पुलिस को दी गई थी।
जानकारी के मुताबिक वाल्मीकि बस्ती में करीब 50 परिवार रहते हैं, जिनमें से लगभग 20 से 25 परिवार इस शादी का विरोध कर रहे हैं।
बावल थाना प्रभारी ने बताया कि राकेश के परिवार की ओर से पहले एक शिकायत दी गई थी, हालांकि उसमें किसी का नाम नहीं बताया गया था। पुलिस ने दोनों पक्षों से बातचीत कर मामला शांत कराने की कोशिश की थी। मंगलवार रात बनवारे के दौरान अचानक विवाद हो गया। फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और शादी संपन्न होने तक क्षेत्र में पुलिस बल तैनात रहेगा।







