Panchkula,28 December-:उपायुक्त सतपाल शर्मा ने जिले में बाढ़ बचाव कार्यों की तैयारियों को लेकर संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ स्थलीय निरीक्षण किया और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बाढ़ से बचाव के कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी विभाग प्राथमिकता के आधार पर अपने-अपने एस्टीमेट और रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत करें।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने सुरजपुज नदी में हो रहे कटाव और वहां लगाए गए डंगों की समीक्षा की। उन्होंने मौके पर ही नदी के शेष बचे हिस्सों की पैमाइश करवाई और ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं भी सुनीं। इस दौरान सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता दीपक कुमार को निर्देश दिए गए कि कटाव रोकने के लिए आवश्यक कार्यों की अनुमानित लागत का एस्टीमेट तैयार कर शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।इसके बाद उपायुक्त ने सुखु माजरा,शाहपुर झांझर नदी और बालन नदी का भी निरीक्षण किया। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक कार्यों की पहचान कर उनका विस्तृत एस्टीमेट जल्द तैयार किया जाए।
उपायुक्त सतपाल शर्मा ने रिहोड़–बरवाला पुल की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए एचएसवीपी और पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर की संयुक्त टीम से 10 दिन के भीतर पुल की तकनीकी जांच कर वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई कर पुल पर आवागमन को जल्द से जल्द सुचारू किया जाएगा।इसके अतिरिक्त उपायुक्त ने रायपुररानी क्षेत्र में ककराली और डांगरी नदी में भूमि कटाव का निरीक्षण किया और सिंचाई विभाग को स्टोन स्टड्स लगाने के निर्देश दिए ताकि भविष्य में कटाव से बचाव किया जा सके। रिहोड़ पुल के पास एनएचएआई को भी मिट्टी डलवाकर मार्ग को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए, जिससे आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।उपायुक्त ने कहा कि अभी बारिश का मौसम आने में समय है और सरकार ने प्रदेश के सभी जिलों से बाढ़ बचाव को लेकर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। ऐसे में जरूरी है कि सभी विभाग समय रहते अपने एस्टीमेट और रिपोर्ट तैयार कर भेजें, ताकि बाढ़ से बचाव के कार्य समय से पूरे किए जा सकें।इस अवसर पर सिंचाई विभाग, लोक निर्माण विभाग और एचएसवीपी के अधिकारी भी मौजूद रहे।







