गुरुग्राम | गुरुग्राम में वायु प्रदूषण की स्थिति गंभीर हो गई है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) शहर में 284 दर्ज किया गया, जो ‘खतरनाक’ श्रेणी में आता है। वहीं मानेसर में AQI 254 पर रहा। विशेषज्ञों का कहना है कि इस स्तर की हवा सांस और हृदय संबंधी रोगियों के लिए विशेष रूप से खतरनाक है।
प्रदूषण के प्रमुख कारण
शहर में बढ़ते प्रदूषण के पीछे मुख्यतः धूल और वाहनों का धुआं है। निर्माण स्थलों से उड़ती धूल, टूटी सड़कों से मिट्टी और बढ़ते वाहनों के कारण वायु में हानिकारक कण बढ़ रहे हैं। सुबह और शाम के समय यह और अधिक खतरनाक हो जाता है।
सरकारी कार्रवाई
हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने फील्ड टीमों को मॉनिटरिंग बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। बोर्ड की टीमें मुख्य सड़क मार्गों, औद्योगिक क्षेत्रों और निर्माण स्थलों पर नियमित जांच करेंगी। संबंधित विभागों को सड़क किनारे जमा मिट्टी हटाने और पानी छिड़काव करने के लिए कहा गया है ताकि धूल का स्तर कम हो सके।
हवा की गति धीमी, स्मॉग बढ़ा
इन दिनों हवा की गति कम होने के कारण प्रदूषक कण जमीन के नज़दीक फंसे हुए हैं। मौसम विभाग के अनुसार तेज हवा या हल्की बारिश होने पर ही प्रदूषण का स्तर कम हो सकता है। फिलहाल वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में बनी रहने का अनुमान है।
स्वास्थ्य चेतावनी
विशेषज्ञों ने जनता को सलाह दी है कि सुबह और शाम कम बाहर निकलें, मास्क पहनें और बच्चों तथा बुजुर्गों को प्रदूषण से बचाएं। खुले में व्यायाम से फेफड़ों पर विपरीत असर पड़ सकता है।
नगर निगम सहित अन्य विभागों को निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण नियमों का पालन सुनिश्चित करने और उल्लंघन पर जुर्माना लगाने के निर्देश दिए गए हैं।







