Gurugram, 23 November-:हरियाणा सरकार ने सरकारी स्कूलों में मिलने वाले मिड-डे-मील की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के लिए एक अहम निर्णय लिया है। अब पूरे प्रदेश में मिड-डे-मील के लिए इस्तेमाल होने वाली खाद्य सामग्री की आपूर्ति का काम हरियाणा एग्रो इंडस्ट्रीज को सौंप दिया गया है। सरकार का मानना है कि यह कदम न केवल भोजन की गुणवत्ता को सुधारेगा, बल्कि सुरक्षा और पारदर्शिता भी सुनिश्चित करेगा।
शिक्षा विभाग के अनुसार, हरियाणा एग्रो इंडस्ट्रीज के साथ एक वर्ष के लिए औपचारिक समझौता किया गया है। इस अवधि में चावल, दाल, तेल, नमक, मसाले और अन्य आवश्यक सामान सीधे एग्रो इंडस्ट्रीज के गोदामों से सरकारी स्कूलों तक पहुंचाए जाएंगे। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि कोई भी सामग्री भेजने से पहले उसकी गुणवत्ता की जांच अनिवार्य होगी। पहले अलग-अलग क्षेत्रों से सामग्री की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें सामने आती थीं। नई व्यवस्था से इन समस्याओं पर काफी हद तक नियंत्रण की उम्मीद की जा रही है।सरकार का मानना है कि इस केंद्रीकृत सप्लाई सिस्टम से भोजन की पौष्टिकता बढ़ेगी, बीच की अनियमितताएं कम होंगी और स्कूलों में समय पर सामग्री पहुंच सकेगी। इससे मिड-डे-मील योजना की विश्वसनीयता भी मजबूत होगी। नई व्यवस्था का लाभ बाल वाटिका से लेकर कक्षा 8 तक के सभी बच्चों को मिलेगा।इसके अलावा शिक्षा निदेशालय ने राज्य के सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि वे एएमएस पोर्टल पर प्रतिदिन 100 प्रतिशत रिपोर्ट अपडेट करें, ताकि सप्लाई और वितरण प्रक्रिया पर पूरी निगरानी रखी जा सके। सरकार को उम्मीद है कि यह कदम पूरे राज्य में मिड-डे-मील कार्यक्रम को नई गति और पारदर्शिता प्रदान करेगा।







