हरियाणा | हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के चर्चित भैंसे ‘युवराज’ का निधन हो गया है। मुर्रा नस्ल का यह दिग्गज भैंसा न सिर्फ अपनी कद-काठी और ताकत के लिए मशहूर था, बल्कि देश-विदेश में इसकी पहचान थी। पशुपालन क्षेत्र में युवराज को एक लाइव लेजेंड माना जाता था। अपने शानदार प्रदर्शन की बदौलत युवराज ने कई राष्ट्रीय पशु मेलों में पुरस्कार जीते थे। उसकी लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जहां भी युवराज पहुंचता, लोग उसे देखने के लिए लंबी कतारों में खड़े हो जाते थे।
युवराज की ख्याति को देखते हुए राष्ट्रीय भैंस अनुसंधान केंद्र ने उसके सम्मान में आदमकद प्रतिमा भी स्थापित की है।
युवराज की विशेषताएं
- वजन: लगभग 1500 किलोग्राम
- ऊंचाई: 6 फीट
- लंबाई: करीब 9 फीट
- सीमन रिकॉर्ड: लगभग 2 लाख कटड़े और कटड़ियों का जन्म
- सालाना आय: करीब ₹80 लाख तक
- नस्ल: मुर्रा (हरियाणा की विश्व प्रसिद्ध नस्ल)
आलीशान लाइफस्टाइल
युवराज की देखभाल किसी VIP से कम नहीं थी। उसके मालिक कर्मवीर सिंह ने बताया कि उसकी देखभाल पर हर महीने लगभग ₹1 लाख का खर्च आता था। युवराज को रोजाना दी जाने वाली डाइट में शामिल थे:
- 20 लीटर दूध
- 10 किलो फल
- 10 किलो दाना
- 6 किलो मटर
- भरपूर हरा चारा
इसके अलावा उसे रोज 6 किलोमीटर की वॉक कराई जाती थी और शरीर की मजबूती बनाए रखने के लिए रोज़ाना सरसों के तेल से मालिश की जाती थी।
कई दफा करोड़ों रुपये के ऑफर आने के बावजूद, मालिक ने युवराज को बेचने से इनकार किया। युवराज सिर्फ एक पशु नहीं, बल्कि हरियाणा की आन-बान और पशुपालन विरासत का प्रतीक माना जाता था।







