चंडीगढ़ | हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में तीन दिवसीय जापान दौरा राज्य के औद्योगिक, कृषि और तकनीकी विकास के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ है। इस उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल की यात्रा के दौरान लगभग 5000 करोड़ रुपये के निवेश संभावनाओं का मार्ग खुला है, जिससे हरियाणा में रोजगार और आर्थिक विकास के नए अवसर पैदा होंगे।
मुख्यमंत्री ने अपने पहले विदेशी दौरे के रूप में जापान को चुना। यह वही देश है जिसने 1980 के दशक में गुरुग्राम में मारुति उद्योग के जरिए भारत में निवेश की नींव रखी थी। जापान की कंपनियों के लिए हरियाणा हमेशा एक ग्लोबल इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन रहा है, जहां निवेशक-हितैषी नीतियों, मजबूत बुनियादी ढांचे और अनुकूल उद्योग माहौल ने निवेशकों का विश्वास बढ़ाया है।
इस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने AISIN, Air Water, TASAI, DENSO, Sojitz, Nissin, Daikin जैसी अग्रणी कंपनियों से मुलाकात की। इन बैठकों के परिणामस्वरूप लगभग 4400 करोड़ रुपये से अधिक के 10 एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए, जिससे हरियाणा में हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार हुए।
10 नए औद्योगिक मॉडल टाउनशिप में ‘मिनी जापान सिटी’
मुख्यमंत्री ने अपने पहले बजट (2025-26) में घोषित 10 नए औद्योगिक मॉडल टाउनशिप के विज़न को साकार करने की दिशा में कदम बढ़ाया। उनका लक्ष्य है कि इनमें से एक टाउनशिप को जापानी कंपनियों के सहयोग से विकसित किया जाए, जिससे निवेश और तकनीकी सहयोग बढ़े और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ें।
मुख्यमंत्री बने ‘किसान दूत’
किसान होने के नाते मुख्यमंत्री ने ओसाका के Kubota ट्रैक्टर प्लांट का दौरा किया। प्लांट ने हरियाणा में 2,000 करोड़ रुपये से अधिक निवेश का प्रस्ताव रखा। इसका लाभ हरियाणा के किसानों को कृषि में आधुनिक तकनीक के रूप में मिलेगा। मुख्यमंत्री का मानना है कि राज्य के मेहनती किसान और जापान की तकनीक मिलकर कृषि क्षेत्र में नई ऊंचाइयां तय करेंगे।
हरियाणा को ‘ग्लोबल ग्रोथ हब’ बनाने की दिशा में कदम
मुख्यमंत्री का यह दौरा केवल निवेश यात्रा नहीं है, बल्कि हरियाणा को ‘ग्लोबल ग्रोथ हब’ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इस साझेदारी की झलक वर्ल्ड एक्सपो 2025, ओसाका में हरियाणा पैवेलियन में भी देखी गई, जहाँ जापानी और हरियाणवी नवाचारों का संगम नजर आया। इस सहयोग से हरियाणा और जापान मिलकर ‘विकसित भारत 2047’ के सपने को साकार करेंगे और राज्य को वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करेंगे।







