यमुनानगर | हरियाणा में इस वर्ष शराब ठेकों की नीलामी में ठेकेदारों की भागीदारी काफी कम देखने को मिल रही है, जिसके चलते राज्यभर में अधिकांश शराब ठेके बंद हो गए हैं। निर्धारित समयसीमा 11 जून रात 12 बजे खत्म होने के बाद सभी पुराने ठेके बंद कर दिए गए। अब नई नीलामी और अलॉटमेंट की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन इसमें भी ठेकेदार खास दिलचस्पी नहीं दिखा रहे।
यमुनानगर जिले की बात करें तो यहां 55 जोनों में से मात्र 10 जोनों की ही सफल नीलामी हो पाई है। प्रशासनिक आंकलन के अनुसार, इससे जिले में लगभग 403 करोड़ रुपये का संभावित राजस्व नुकसान हो सकता है। ठेकेदारों की इस उदासीनता के पीछे हाल ही में हुए फायरिंग की घटना को एक कारण माना जा रहा है, हालांकि प्रशासन द्वारा उन्हें सुरक्षा का आश्वासन दिया गया था।
वहीं, यमुनानगर के विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने स्पष्ट किया कि सरकार किसी भी दबाव में नहीं है और तय नीति के तहत ही ठेके अलॉट किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि कुछ रेट्स में बढ़ोतरी भी ठेकेदारों की कम भागीदारी का कारण हो सकती है।
इस बीच, आबकारी विभाग ने 13 जून तक के लिए ई-नीलामी की प्रक्रिया दोबारा शुरू कर दी है। नए संशोधित प्रस्ताव के तहत 5 करोड़ तक के जोनों में 5% और 5 करोड़ से अधिक के जोनों में 3% की दर से रिजर्व प्राइस में कटौती की गई है। विभाग को उम्मीद है कि अब ठेकेदारों की भागीदारी बढ़ेगी और ठेके जल्द अलॉट हो जाएंगे।







