जींद | अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (8 मार्च) पर मुख्यमंत्री से सम्मान प्राप्त कर चुकी एक महिला और एक पीड़ित अधिवक्ता सोमवार को हरियाणा राज्य महिला आयोग के समक्ष पेश हुए। आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया के सामने महिला ने स्वीकार किया कि उसने नरेंद्र सिंहमार और रिंकू पर गलती से दुष्कर्म का आरोप लगाया था।
सुनवाई के दौरान चेयरपर्सन ने महिला को कड़ी फटकार लगाई और कहा, “इतना गंभीर आरोप लगाने से पहले क्या आपने सोचा कि जिन लोगों पर आप इल्जाम लगा रही हैं, उनकी जिंदगी पर इसका क्या असर पड़ेगा?” इस पर महिला ने हाथ जोड़कर माफी मांगी।
गौरतलब है कि महिला ने 6 सितंबर 2020 को नरेंद्र सिंहमार, रिंकू, सुनील गहलावत सहित कुल 12 लोगों पर नशीला पदार्थ देकर दुष्कर्म करने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। इस आधार पर पुलिस ने सामूहिक दुष्कर्म सहित विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। मामले की जांच तत्कालीन एएसपी अजीत सिंह शेखावत द्वारा की गई थी। अब महिला द्वारा अपने आरोपों को गलत बताने के बाद केस पर नए सिरे से कानूनी समीक्षा हो सकती है।







