पानीपत | निवेश पर मोटा ब्याज और सुरक्षित पैसे लौटाने का झांसा देकर एक और बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। ट्राईरिम इंफ्राकोन इंडिया लिमिटेड और इसके तहत चलने वाली ट्राईरिम म्यूचुअल बेनिफिट निधि लिमिटेड नाम की कंपनियों ने पानीपत में करीब 2 हजार बंगाली बुनकर मजदूरों से करीब 15 करोड़ रुपये की ठगी कर डाली और अब कंपनी के अधिकारी फरार हैं।
मामले के खुलासे के बाद आरटीआई एक्टिविस्ट पी.पी. कपूर के नेतृत्व में ठगी के शिकार मजदूरों ने जिला सचिवालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। समाधान शिविर के दौरान उन्होंने डीसी वीरेंद्र दहिया को ज्ञापन सौंपा और कार्रवाई की मांग की। इस पर डीएसपी हेड क्वार्टर सतीश वत्स ने स्पेशल डिटेक्टिव यूनिट (SDU) को जांच सौंपने के आदेश दिए हैं।
कैसे रची गई ठगी की साजिश
आरटीआई कार्यकर्ता पी.पी. कपूर ने बताया कि यह पूरा खेल करीब चार साल पहले शुरू हुआ। पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर से आए बुनकर मजदूरों को इस कंपनी के एजेंटों ने भारी ब्याज और सुरक्षा की गारंटी देकर फंसाया। मुख्य एजेंट मोहम्मद जमील, मैनेजर ताहिर और कर्मतुल्ला ने मजदूरों के बचत खाते, एफडी, आरडी और म्यूचुअल बेनिफिट खाते खुलवाकर करोड़ों रुपये जमा करवा लिए।
जब पैसा लौटाने का समय आया तो एजेंटों ने बहाने बनाने शुरू किए, और फिर धमकियां भी दी गईं। आखिरकार तीनों ऑफिस बंद कर फरार हो गए।
तीन जगह चला रहे थे ऑफिस, खुद का बैंक भी खोल रखा था
जानकारी के अनुसार, ट्राईरिम कंपनी का रजिस्टर्ड ऑफिस भोपाल और हेड ऑफिस कोलकाता में है। पानीपत में इसके तीन कार्यालय – संजय चौक, ताऊ देवी लाल कॉम्प्लेक्स और सौंदापुर जाटल रोड पर खोले गए थे। इतना ही नहीं, कंपनी ने अपना एक फर्जी बैंक भी संचालित किया।
हयूमन सोसाइटी घोटाले के बाद फिर एक बड़ा फाइनेंशियल स्कैम
गौरतलब है कि हाल ही में हयूमन सोसाइटी कंपनी द्वारा की गई करोड़ों की ठगी का मामला भी ठंडा नहीं हुआ है, और अब यह नया मामला सामने आ गया है। लगातार सामने आ रहे इन घोटालों से निवेशकों और दिहाड़ी मजदूरों का भरोसा टूटता जा रहा है।







