जींद | इनेलो नेता अभय चौटाला और जेजेपी प्रमुख अजय चौटाला के बीच पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला की तस्वीर को लेकर छिड़े विवाद पर परिवार के वरिष्ठ सदस्य और पूर्व मंत्री रणजीत सिंह चौटाला ने गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने इसे देवीलाल परिवार के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इतने बड़े राजनीतिक परिवार के लोगों को आपसी मतभेदों को इस तरह सार्वजनिक नहीं करना चाहिए।
सोमवार रात जींद के लोक निर्माण विश्रामगृह में मीडिया से बातचीत करते हुए रणजीत चौटाला ने कहा कि ओमप्रकाश चौटाला उनके बड़े भाई हैं, और उनकी तस्वीर को लेकर जो बयानबाज़ी अभय और अजय चौटाला के बीच हुई है, वह बेहद दुखद है। उन्होंने कहा कि चौधरी देवीलाल जैसे जननायक की विरासत को आगे बढ़ाने की बजाय परिवार के सदस्य जिस तरह की भाषा का प्रयोग कर रहे हैं, वह समाज में गलत संदेश दे रहा है।
उन्होंने कहा कि चौधरी देवीलाल की राजनीति की विरासत का ही परिणाम था कि परिवार की चौथी पीढ़ी तक को राजनीतिक पहचान मिली, जिसका उदाहरण दुष्यंत चौटाला हैं जो महज 25 वर्ष की उम्र में सांसद बने। उन्होंने उम्मीद जताई कि समय के साथ सब कुछ सही हो सकता है, लेकिन परिवार को आत्ममंथन करना होगा।
पंजाब द्वारा पानी रोके जाने पर जताई नाराजगी
रणजीत चौटाला ने पंजाब सरकार द्वारा हरियाणा के हिस्से का पानी रोके जाने पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना बताते हुए कहा कि नदियां देश की होती हैं, न कि किसी एक राज्य की। उन्होंने केंद्र सरकार से इस मुद्दे में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की।
कर्नल सोफिया कुरैशी पर टिप्पणी को बताया निंदनीय
मध्यप्रदेश के एक मंत्री द्वारा सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी पर की गई टिप्पणी पर रणजीत चौटाला ने नाराजगी जताई और कहा कि देश को उन पर गर्व है। उन्होंने सीमा पर जाकर जो साहसिक कार्य किया है, वह सराहनीय है।
राजनीतिक भविष्य को लेकर जल्दबाजी नहीं करेंगे
रणजीत चौटाला ने अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर कहा कि वह कोई भी फैसला जल्दबाजी में नहीं लेंगे। उन्होंने बताया कि वे पहले कार्यकर्ताओं से राय लेंगे, फिर आगामी कदम उठाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वे जब बिजली मंत्री थे, तब हरियाणा को देश में नंबर वन राज्य बनाने में अहम भूमिका निभाई थी।







