चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार ने परिवार पहचान पत्र से जुड़े नियमों में अहम बदलाव किए हैं। यह निर्णय राज्य की योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ाने और लाभार्थियों के डेटा को अद्यतन बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है।
नई व्यवस्था के तहत अब केवल वे परिवार ही पीपीपी के पात्र होंगे जो वर्तमान में हरियाणा में निवास कर रहे हैं। यदि कोई परिवार राज्य से बाहर चला जाता है या परिवार के किसी सदस्य का निधन हो जाता है, तो ऐसे मामलों में संबंधित पीपीपी को रद्द कर दिया जाएगा।
डेटा सुरक्षा पर सख्ती
राज्य सरकार ने पीपीपी डेटा की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह भी निर्णय लिया है कि अब यह डेटा किसी निजी या गैर-सरकारी संस्था के साथ साझा नहीं किया जाएगा। इससे नागरिकों की व्यक्तिगत जानकारी को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।
परिवार प्रमुख को मिली नई जिम्मेदारी
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि परिवार का मुखिया किसी सदस्य को पीपीपी से हटाने के लिए अनुरोध करता है, तो उस सदस्य का डेटा सिस्टम से हटा दिया जाएगा। इससे पीपीपी रिकॉर्ड को वास्तविक समय के अनुसार अद्यतन रखने में सहायता मिलेगी।







