चंडीगढ़ । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन-2047 को धरातल पर उतारने के लिए केंद्र सरकार लगातार कदम उठा रही है और इसी क्रम में केंद्रीय ऊर्जा और शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। बीते सप्ताह खट्टर का देश-विदेश में व्यस्त प्रवास इन योजनाओं को गति देने की दिशा में कई अहम उपलब्धियों से जुड़ा रहा।
केंद्रीय मंत्री खट्टर ने नेपाल से लेकर गुजरात, सिक्किम, पश्चिम बंगाल और राजस्थान तक ऊर्जा व शहरी विकास से संबंधित विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा की, नई योजनाओं की रूपरेखा तैयार की और अधिकारियों को क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए।
राजस्थान प्रवास: केंद्र–राज्य समन्वय से योजनाओं को रफ्तार
मंगलवार को राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ जयपुर में उच्चस्तरीय बैठक के दौरान पीएम-कुसुम योजना, पीएम सूर्य घर योजना, स्वच्छ भारत मिशन, ई-बस सेवा, अमृत मिशन 2.0, जयपुर मेट्रो जैसे केंद्रीय प्रोजेक्ट्स पर समीक्षा हुई। खट्टर ने अधिकारियों को पारदर्शिता और गति के साथ इन योजनाओं को लागू करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बैठक को “विकास की दिशा में मार्गदर्शक” बताया और सोशल मीडिया पर इसे साझा किया।
गुजरात में ऊर्जा प्रोजेक्ट्स और अनुसंधान संस्थानों का निरीक्षण
गुजरात दौरे के दौरान खट्टर ने काकरापार परमाणु ऊर्जा संयंत्र का निरीक्षण किया, जो स्वदेशी तकनीक से तैयार हुआ है। उन्होंने इसे ‘मेक इन इंडिया’ पहल की बड़ी सफलता बताया। साथ ही पंडित दीनदयाल एनर्जी यूनिवर्सिटी और सोलर पीवी पैनल असेंबली लाइन का दौरा कर इसे अंतरराष्ट्रीय महत्व की परियोजना बताया।
पूर्वोत्तर राज्यों पर भी विशेष ध्यान
सिक्किम व पश्चिम बंगाल में आयोजित पूर्वोत्तर राज्यों के ऊर्जा मंत्रियों के सम्मेलन में भी खट्टर ने भाग लिया और वहां चल रही योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि ऊर्जा-संपन्न और सुविकसित शहरी बुनियादी ढांचा ही विकसित भारत की नींव है।
प्रवासी सप्ताह की प्रमुख उपलब्धियां:
- 22–23 अप्रैल: नेपाल में द्विपक्षीय ऊर्जा समझौते (MoUs) पर हस्ताक्षर
- 24 अप्रैल: करनाल में शहीद लेफ्टिनेंट विनय नरवाल के परिजनों से मुलाकात
- 25–27 अप्रैल: सिक्किम व पश्चिम बंगाल में परियोजनाओं की समीक्षा
- 28 अप्रैल: गुजरात में ऊर्जा परियोजनाओं का दौरा
- 29 अप्रैल: राजस्थान में विकास योजनाओं पर समीक्षा बैठक
मंत्री खट्टर ने स्पष्ट किया कि उनकी प्राथमिकता योजनाओं को तेज़ी से जमीन पर उतारना है ताकि आम जनता को सीधा लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि यदि इच्छाशक्ति दृढ़ हो, तो किसी भी लक्ष्य को हासिल करना संभव है।







