बहादुरगढ़ | बहादुरगढ़ के आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र पार्ट बी के पास बुधवार को अवैध प्लास्टिक वेस्ट और कबाड़ में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे लगभग 20 झुग्गियां जलकर खाक हो गईं। आग इतनी तेज़ थी कि लोगों को अपना सामान तक निकालने का मौका नहीं मिला।
कामगारों की मेहनत पलभर में राख
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्लास्टिक वेस्ट इकठ्ठा करने वाले कामगार कुछ दूरी पर आराम कर रहे थे, तभी अचानक आग भड़क उठी। झुग्गियों में रहने वाले लोग जान बचाकर बाहर भागे, लेकिन महीनों की मेहनत से जमा किया गया कबाड़ और रोज़मर्रा का सामान जलकर राख हो गया।
कम संसाधनों से जूझी फायर ब्रिगेड
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं, लेकिन सीमित संसाधनों और कम संख्या में फायर टेंडर होने के कारण आग पर समय रहते काबू नहीं पाया जा सका। फायर विभाग के अधिकारी रविंद्र ने बताया कि आग काफी भीषण है और नियंत्रण में लाने में समय लग सकता है, हालांकि प्रयास जारी हैं। पुलिस बल भी मौके पर तैनात किया गया है ताकि स्थिति को नियंत्रित रखा जा सके।
दोहराई गई पहले जैसी घटना, प्रशासन पर सवाल
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले बहादुरगढ़ बाईपास पर भी अवैध प्लास्टिक वेस्ट में आग लगी थी, जिसे बुझाने में चार दिन लगे थे। बावजूद इसके, अब तक प्रशासन की ओर से अवैध पीवीसी और प्लास्टिक वेस्ट गोदामों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
क्या बहादुरगढ़ बनता जा रहा है अवैध कबाड़ का गढ़?
लगातार आग की घटनाओं के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या बहादुरगढ़ अवैध प्लास्टिक वेस्ट का हब बनता जा रहा है? कब तक गरीब मजदूरों की मेहनत, जीवन और आशियाने ऐसे हादसों की भेंट चढ़ते रहेंगे? और कब प्रशासन इस गंभीर समस्या पर सख्त कदम उठाएगा?







