Home Haryana कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया ने पार्टी हाईकमान को दिए सख्त सुझाव

कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया ने पार्टी हाईकमान को दिए सख्त सुझाव

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Congress MLA Gokul Setia
Congress MLA Gokul Setia

Sirsa,21 April-सिरसा से कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया ने सोमवार को अपने निवास पर मीडिया से बातचीत के दौरान पार्टी के भीतर अनुशासन और संगठनात्मक सुधारों को लेकर हाईकमान को स्पष्ट सुझाव दिए। उन्होंने मांग की कि विधानसभा चुनावों में कांग्रेस उम्मीदवारों की खुलकर खिलाफत करने वाले नेताओं पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की जाए।

अनुशासनहीन नेताओं पर कार्रवाई की मांग

सेतिया ने कहा कि हाल ही में गुजरात के अहमदाबाद में आयोजित कांग्रेस अधिवेशन में राहुल गांधी द्वारा पार्टी में भाजपा के स्लीपर सेल्स को लेकर उठाए गए मुद्दे को वह पूरी तरह सही मानते हैं। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए पार्टी में ऐसे नेताओं की पहचान कर उन पर सख्त कार्रवाई की मांग की जो कांग्रेस में रहकर पार्टी को नुकसान पहुंचा रहे हैं।उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि सिरसा में भी कई ऐसे नेता हैं, जिन्होंने विधानसभा चुनाव में उनके खिलाफ प्रचार किया, फिर भी वे आज बड़े कांग्रेस नेताओं के साथ नजर आते हैं। सेतिया का कहना है कि अगर ऐसे नेताओं पर समय रहते कार्रवाई होती, तो पार्टी की छवि और कार्यशैली मजबूत होती।

विधायक ने यह भी की शिकायत 

विधायक ने यह भी शिकायत की कि गुजरात में आयोजित कांग्रेस के अधिवेशनों में उन्हें और अन्य नए विधायकों को शामिल नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि यदि नए और जमीनी स्तर पर काम करने वाले विधायकों को इन बैठकों में बुलाया जाए, तो न केवल उनका मनोबल बढ़ेगा, बल्कि वे संगठन को और बेहतर तरीके से समझ पाएंगे।गोकुल सेतिया ने यह भी तंज कसा कि भाजपा में जीतने वाले मेयर को प्रधानमंत्री से मिलवाया जाता है, जबकि कांग्रेस में हारने और जीतने वाले दोनों ही नेताओं को पार्टी हाईकमान से मिलने का मौका नहीं दिया जाता। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को शीर्ष नेतृत्व से संवाद का अवसर मिले, तो वे अधिक प्रेरित होकर पार्टी के लिए काम कर सकें।

इस दौरान सेतिया ने सिरसा के गांव केलनिया में नंदी शाला के शेड उद्घाटन पट्ट पर भाजपा नेता गोबिंद कांडा का नाम नगर परिषद चेयरमैन शांति स्वरूप के नाम से ऊपर दर्ज होने पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा, “क्या भाजपा नेता होना चेयरमैन से भी बड़ा पद हो गया है?” साथ ही उन्होंने भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के उदाहरण देकर तंज कसा कि केवल नेता का दर्जा ही बड़ा नहीं होता, पद और कार्य भी मायने रखते हैं।

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