कुरुक्षेत्र, 20 फरवरी –बीते कल निकाय चुनाव में नामांकन वापसी को लेकर पंचायत भवन में भाजपा और कांग्रेस के नेता आपस में भिड़ गए। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाए कि भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके वार्ड नंबर 12 के प्रत्याशी का अपहरण करने की कोशिश की है। पहले उन पर जबरन पर्चा उठाने का दबाव बनाया गया। वे नहीं माने तो उनके साथ धक्का मुक्की कर उनकी शर्ट तक फाड़ दी गई। इसकी भनक कांग्रेसी नेताओं को लगी तो वे मौके पर पहुंच गए। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस प्रत्याशी को उनकी ही गाड़ी में जबरन बैठाया। कांग्रेसी नेताओं को उनके ही प्रत्याशी से मिलने तक नहीं दिया। इसके बाद मौके पर पुलिस बुलाकर प्रत्याशी को छुड़वाना पड़ा। फिर कांग्रेसी नेता प्रत्याशी को लेकर एसपी के पास पहुंचे और भाजपा नेताओं पर गंभीर आरोप जड़ते हुए पुलिस को लिखित शिकायत देकर एसपी से सुरक्षा की गुहार लगाई है।
निकाय चुनाव में जनता ही करेगी फैंसला: दिव्यांशु बुद्धिराजा
दिव्यांशु बुद्धि राजा ने कहा कि जो लोग कांग्रेस में होते हुए कांग्रेस के साथ बेईमानी कर रहे थे अच्छा हुआ कि वह कांग्रेस से छोड़ कर चले गए. यह वह लोग हैं जिनके अंदर रीड की हड्डी नहीं है.अब हमारे 15 वार्डो से प्रत्याशी और एक मेयर प्रत्याशी मजबूती से चुनाव लड़ेगा.उन्होंने कहा कल के हुए वाक्य से यह साबित हो जाता है की बीजेपी का सर चढ़कर बोल रहा है. लोकसभा व विधानसभा चुनाव जीतने के बाद अब निकाय चुनाव में बीजेपी के लोग अहम से भरे हुए हैं और अपनी गुंडागर्दी दिखा रहे हैं.करनाल की जनता को इससे सबक लेना चाहिए कि किसका साथ देना है।
कांग्रेस प्रत्याशी ने पूर्व मेयर व उसके पति पर लगाए गंभीर आरोप
करनाल कांग्रेस मेयर प्रत्याशी मनोज वधवा ने पूर्व मेयर व उसके पति पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा इन लोगों ने स्मार्ट सिटी के नाम पर करनाल को दोनों हाथों से लूटा है। उन्होंने मौजूदा भाजपा विधायक जगमोहन आनंद को भी चताते हुए कहा के वह इन लोगों से बचकर रहें और इन लोगों की जिम्मेवारी अपने सर पर ना लें। उन्होंने कहा कि मेयर व मेयर के पति अगर भ्रष्टाचारी नहीं है तो वह गीता पर हाथ रखकर कसम खाएं के उन्होंने भ्रष्टाचार नहीं किया है। मनोज बाजवा ने कहा कि यह चुनाव अब भ्रष्टाचार वर्सेस ईमानदारी और धनबल वर्सेस जनबल बन चुका है।







