Sirsa,09 April –हरियाणा के सिरसा में आज नगर परिषद की पहली हाउस की मीटिंग थी जो जमकर हंगामादार रही.दरअसल नगर परिषद अध्यक्ष शांति स्वरूप ने पार्षद प्रतिनिधियों को हाउस की मीटिंग से बाहर जाने का फरमान जारी कर दिया हालाँकि चेयरमैन ने मीडिया को भी एक बार तो बाहर जाने का फरमान जारी किया था, लेकिन मीडिया ने जब हाउस की मीटिंग को कवरेज करने के लिए दवाब बनाया तो चेयरमैन साहब को अपना फरमान वापस लेना पड़ा।
पार्षद प्रतिनिधि अध्यक्ष के आदेश से खफा हो गए अध्यक्ष और पार्षद प्रतिनिधियों के बीच में हाई वोल्टेज ड्रामा काफी देर तक चलता रहा पार्षद प्रतिनिधियों ने अध्यक्ष को अपने पर्सनल असिस्टेंट को बाहर भेजने के लिए कहा तो अध्यक्ष शांति स्वरूप भी खुद हैरान हो गए. इसके बाद कुछ पार्षद प्रतिनिधियों ने नगर परिषद के अध्यक्ष शांति स्वरूप को उनके दो बाउंसरों को भी बाहर भेजने के लिए कहा. अध्यक्ष शांति स्वरूप की पार्षद प्रतिनिधियों के सामने एक न चली और दबाव के चलते उन्होंने नगर परिषद अध्यक्ष ने अपने दोनों बाउंसरो को भी बाहर भेजने का आदेश जारी कर दिया मामला जहां भी शांत नहीं हुआ अभी हाउस की मीटिंग शुरू की हुई थी तो चेयरमैन साहब ने टी ब्रेक का आदेश दे दिया जैसे ही टी ब्रेक खत्म हुई तो बिजली ने अपना रूप दिखाना शुरू कर दिया बिजली का कट लग गया और बिजली चली गई और सभी पार्षद, पार्षद प्रतिनिधि नगर परिषद के अधिकारी कर्मचारी और खुद नगर परिषद के अध्यक्ष बिना पंखे बिना AC और बिना लाइट के काफी देर तक बैठे रहे नगर परिषद की हाउस की मीटिंग का पहला दिन यानी कि पहले ड्रामा मीडिया के कमरे में कैद हो गया
पार्षद प्रतिनिधि जसपाल सिंह ने बताया कि वार्ड नंबर 10 के पार्षद संजय कुमार के वह भाई हैं संजय कुमार किसी कारण वंश इस मीटिंग में नहीं आ सकते थे जिसे उन्होंने अथॉरिटी लेटर पर भी कारण लिखा हुआ है उन्होंने कहा कि अध्यक्ष के सामने उन्होंने अपनी बात रखी इसके साथ ही पार्षद की की जगह उन्हें बैठक में शामिल होने की अनुमति देने की गुहार लगाई लेकिन अध्यक्ष महोदय ने उनकी गुहार को ठुकरा दिया. संजय कुमार ने कहा कि अध्यक्ष महोदय ऐसा हाउस में कोई कानून बनाए जो पार्षद किसी कारणवश या मजबूरी वश या आपातकालीन स्थिति में हाउस में नहीं आ सकता उसका प्रतिनिधि उसका अथॉरिटी लेटर लेकर अगर हाउस में आता है तो उसको हाउस में बैठने की और हाउस के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करने की अनुमति दी जाए.इसके साथ ही पार्षद प्रतिनिधि और पूर्व पार्षद सुशील कुमार ने कहा कि नगर परिषद के अध्यक्ष ने पार्षद प्रतिनिधियों को बैठक में बैठने का मौका नहीं दिया इसके अलावा पार्षद प्रतिनिधियों को बैठक से बाहर जाने का आदेश जारी कर दिया जो सरासर गलत है.







