कुरुक्षेत्र, 6 फरवरी – कल अमेरिका से डिपोर्ट होकर 104 भारतीय भारत पहुंचे हैं। जिसमें हरियाणा के भी 33 लोग शामिल हैं। कुरुक्षेत्र के लगभग आधा दर्जन से ज्यादा लोग अपने घर आज वापस पहुंच चुके हैं। अमेरिका से डिपार्ट हुए इस्माईलाबाद के गांव चम्मू कला सुखप्रीत ने बताया कि वह 45 लाख रुपए लगाकर अमेरिका गया था। और अपनी पुश्तैनी घर की जमीन खेत की जमीन और पशु तक गिरवी रखकर वह अमेरिका गया था। लगभग 6 महीने में वह अमरीका पहुंचा था।और 12 दिन बाद ही अमेरिका से उसको भारत डिपोर्ट कर दिया गया है। और उनको कैदियों की तरह भारत पहुंचा गया है। सुखप्रीत ने अमेरिका पहुंचने तक किन हालातो से वह गुजरा वह सारी आप बीती बताई है।
खेत की जमीन और पशु को गिरवी रखकर भेजा था अमेरिका
सुखप्रीत डिपार्ट अमेरिका ने बताया कि अमेरिका भेजने के दौरान एजेंट ने उनको एक महीने का समय कहा था कि एक महीने में वह अमेरिका पहुंच जाएगा लेकिन वह 6 महीना में अमरीका पहुंचा.उन्होंने इस दौरान जंगल समुद्र कई जगह से होकर डोंकी के रास्ते अमेरिका भेजा गया था। जब वह डोंकी रूट पर थे तब उनके साथ काफी बुरा व्यवहार किया जाता था, उनको प्रताड़ित किया जाता था और परिवार से पैसे मंगवाने के लिए बोला जाता था कई कई दिनों तक इनको भूखा रखा जाता था। इतना ही नहीं इनको बिजली के करंट के झटके भी दिए जाते थे। जब इन्होंने जंगल से होते हुए डोंकी रूट से अमेरिका जा रहे थे तब इन्होंने वहां पर लोगों के गले सड़े शव देखे जो घर से तो अमेरिका जाने के लिए निकले थे लेकिन वह डोंकी रूट पर बीच में ही मर गए।







