पलवल,18 जनवरी –पूर्व मंत्री करण सिंह दलाल ने शनिवार को प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा राजस्व विभाग के अंतर्गत काम करने वाले 370 ऐसे पटवारियों की सूची जारी की है जो कि सरकार की नजर में भ्रष्ट है। सरकार द्वारा जो सूची जारी की गई है उसमें कर्मचारियों की जातियां भी लिखी हुई है। करण सिंह दलाल ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों की कोई जाति नहीं होती है,सरकारी कर्मचारी तो कर्मचारी है। सरकार द्वारा दलित समाज के कर्मचारियों के जातिसूचक नाम लिखकर दर्शाया गया है। ऐसे में सरकार के मंत्रियों और अधिकारियों के खिलाफ एससी एसटी एक्ट का मुकदमा दर्ज होना चाहिए।
करण सिंह दलाल ने कहा कि प्रदेश में जमीनों की पैमाइश करने,इंतकाल दर्ज कराने,जमीन का सरकारी रिकॉर्ड ठीक करने तथा नक्शे पास करने की एवज में लोगों से धनराशि वसूल की जाती है। अगर पटवारी भ्रष्ट है तो तहसीलदार भी भ्रष्ट है और जिला उपायुक्त भी भ्रष्ट है। उन्होंने कहा कि पटवारी अपनी मांगों को लेकर लगातार प्रोटेस्ट कर है कि उन्हें तबादला कराने के लिए पैसा देना पड़ता है।
करण सिंह दलाल ने कहा कि हरियाणा में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है। सरकार द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ जो मुहिम चलाई गई है,वह इसके खिलाफ नहीं है लेकिन जो भ्रष्टाचार का जो पैमाना बनाया गया है उसके बारे में सरकार अपनी स्थिति को स्पष्ट करें। सरकार भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों के खिलाफ भी कार्यवाही करें।







