गुरुग्राम, 13 दिसंबर -गुरुग्राम पुलिस की साइबर क्राइम यूनिट ने डीबीएस बैंक के कर्मचारी को साइबर ठग्गी के जुर्म में गिरफ्तार किया है। बैंक कर्मी आनलाइन बेटिंग के नाम पर ठग्गी करने वाले ठग्गो को बैंक खाते उपलव्ध करवा रहा था। इतना ही नही बैंक के खाताधारकों को बिना बताए उनके मेल आईडी और मोबाइल नम्बर में बदलाव कर रहा था।
ठगों को बैंक खाता उपलब्ध कराने में था संलिप्त
पुलिस की मानें तो एक व्यक्ति ने थाना साइबर क्राइम में शिकायत दी गई थी कि उसने डीबीएस बैंक डीएलएफ फेज-2 गुरुग्राम में एक खाता खुलवाया हुआ था। जिसको बंद करवाने के लिए उसने बैंक रिलेशन मैनेजर टीपू सुल्तान को कहा। टीपू सुल्तान ने उसको कहा कि बैंक खाता ब्रांच में आकर बंद करवाना पड़ेगा। उसके बाद 6 दिसम्बर को उसके मोबाईल नंबर पर बैंक खाता में 15000 रुपये क्रेडिट होने का मैसेज प्राप्त हुआ। इस बारे में बैंक कर्मचारी टीपू सुल्तान को बताया तो उसने कहा कि यह रुपए बैंक की तरफ से आए हैं तथा इसका खाता बंद हो जाएगा। इसके बाद 9 दिसम्बर को उसके बैंक खाता में लगभग एक करोड़ 96 लाख रुपए क्रेडिट होने का मैसेज आया। शक होने पर जब बैंक जाकर पता किया तो मालूम चला कि उसके बैंक रिलेशन मैनेजर टीपू सुल्तान ने बिना जानकारी के बैंक खाता से उसका मोबाईल नंबर व ईमेल आईडी बदलकर अन्य मोबाईल नंबर व ईमेल आईडी रजिस्टर कर दिया है। इस पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
वही पुलिस प्रवक्ता एएसआई संदीप की माने जांच के दौरान साइबर क्राइम यूनिट ने बैंक कर्मचारी टीपू सुल्तान को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि आरोपी जून 2023 से डीबीएस बैंक साईबर सिटी डीएलएफ फेज-2 गुरुग्राम ब्रांच में पर्सनल बैंकर के पद पर नौकरी कर रहा है। इस दौरान बैंक खाता खोलने के लिए इसकी मुलाकात एक व्यक्ति से हुई। जिसने एक करंट बैंक खाता खुलवाने के लिए कहा लेकिन कोई सही स्थान ना होने के कारण करंट खाता खोलने से आरोपी ने मना कर दिया।
खाताधारक को बिना बताए किया खाता में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर
वही पुलिस प्रवक्ता एएसआई संदीप की मानें तो इसके बाद उस व्यक्ति ने बताया कि उनका ऑनलाईन बेटिंग का काम हैं जिसके लिए उनको एक करंट बैंक अकाउंट की जरूरत है। उस व्यक्ति ने आरोपी बैंकर को एक करंट बैंक अकाउंट उपलब्ध कराने को कहा। इसके बदले आरोपी बैंकर को 5 लाख रुपए का लालच दिया। लालच में आकर आरोपी बैंकर ने शिकायतकर्ता का बैंक अकाउंट का मोबाईल नंबर तथा ईमेल आईडी धोखाधड़ी से बदल दी तथा वही बैंक खाता आरोपी ने अपने उस अन्य साथी व्यक्ति को दे दिया। वही अब इस पूरे मामले में गुरुग्राम पुलिस टीम द्वारा आरोपी के कब्जे से वारदात में प्रयोग किया गया 1 मोबाईल फोन व 2 सिम कार्ड बरामद किए गए हैं।







