कुरुक्षेत्र, 2 दिसंबर –कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड प्रशासन द्वारा अंतराष्ट्रीय गीता महोत्सव के दौरान केडीबी, जयराम आश्रम, अर्जुन चौंक, मेला ग्राउंड आदि क्षेत्रों के सामने लगी अस्थाई दुकानों को हटाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। आज असंख्य अस्थाई दुकानदारों ने उनका सामान हटवाने के विरोध में केडीबी कार्यालय के बाहर रोष प्रदर्शन करते हुए “गीता जयंती महोत्सव बंद करो” के नारे भी लगाए।
कई वर्षों से बाहर लगा रहे दुकानें, पहली बार हुई ऐसी परेशानी
वहीं कुरुक्षेत्र, अंबाला व अन्य शहरों से गीता महोत्सव में अस्थाई दुकानें लगाकर विभिन्न प्रकार का सामान बेच रहे इन अस्थाई दुकानदारों ने बताया कि वे पिछले कई वर्षों से गीता जयंती महोत्सव के दौरान अस्थाई दुकानें लगाकर अपना सामान बेचते हैं,जिससे उनकी रोजी-रोटी चलती है। इस बार भी वे खिलौने, चूड़ियां, कपड़े, खाने पीने का सामान, बच्चों के खेलने का सामान व अन्य प्रकार का समान पर्यटकों को बेचने के लिए अस्थाई दुकान लगाकर बैठे थे परंतु कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के अधिकारियों ने उनका सामान हटवा दिया। उन्होंने बताया कि गीता महोत्सव के अंदर दुकानों की कीमत बहुत ज्यादा है, जिन्हें वे नहीं खरीद सकते इसलिए वे बाहर अपनी दुकानें लगाकर बैठे थे।कुछ अस्थाई दुकानदारों ने अपना रोष प्रकट करते हुए बताया कि उन्होंने ब्रह्मसरोवर के आसपास मंदिरों के बाहर अपनी दुकानें में सजा रखी थीं। वह जगह मंदिर परिसर की थी उसके बावजूद भी कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड प्रशासन ने उनका सामान वहां से हटवा दिया। उनका सामान ट्रैक्टरों में भरकर प्रशासन ले गया। ऐसे में प्रशासन की इस कार्रवाई का वे विरोध करते हैं।
बता दें कि कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड द्वारा गीता महोत्सव के दौरान लगने वाले जाम और पैदल चलने वाले लोगों की सुविधा और सुरक्षा की दृष्टि से अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की गई थी। इसके बाद इन अस्थाई दुकानदारों ने अपना विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के बाद झुका प्रशासन, अस्थाई दुकानदारों को दी जगह
इन अस्थाई दुकानदारों के दुकानदारों द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन के बाद आखिरकार प्रशासन ने इन गरीब अस्थाई दुकानदारों की सुध लेते हुए उन्हें ब्रह्मसरोवर के नॉर्थ गेट ओर मेला परिसर पार्किंग के आसपास दुकानें लगाने की अनुमति दे दी है। कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के सीईओ पंकज सेतिया ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि केडीबी का उद्देश्य किसी दुकानदार को हटाना नहीं है बल्कि मेले में व्यवस्था बनाए रखना है ताकि जाम न लगे और लोगों को परेशानी न हो।







