30 अक्टूबर, पलवल : एक तरफ जहां भाजपा सरकार जीरो टॉलरेंस का नारा देती है. वहीं पलवल में स्थिति बिल्कुल विपरीत है आए दिन यहां रिश्वत का खेल खेला जा रहा है, जहां बीते दो दिनों में दो अलग अलग विभागों में रिश्वत का खेल सामने आया है. हालांकि दोनों ही मामलों में एंटी करप्पशन ब्यूरो की टीम ने दोनों मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है,लेकिन सरकार की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी पर तो सवाल खड़े हो ही रहे हैं.
मंगलवार को एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने नागरिक अस्पताल में तैनात फार्मासिस्ट उमर मोहम्मद को 40 हज़ार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। मेडिकल बोर्ड के डॉक्टर द्वारा आरोपी फार्मासिस्ट के माध्यम से रिश्वत की मांग की गई थी।सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि हरियाणा एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम को इस बारे में शिकायत प्राप्त हुई। शिकायतकर्ता ने बताया कि मेडिकल बोर्ड के डॉक्टरों द्वारा शिकायतकर्ता के पक्ष में रिपोर्ट तैयार करने के बदले में 75 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की जा रही है।
बताया गया कि मेडिकल बोर्ड के डॉक्टर द्वारा इस रिश्वत की मांग नागरिक अस्पताल में तैनात फार्मासिस्ट उमर मोहम्मद के माध्यम से की गई है। इस मामले की पुष्टि करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने आरोपी को पकड़ने के लिए योजना बनाई और उसे 40 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ हरियाणा एंटी करप्शन ब्यूरो फरीदाबाद के पुलिस थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है।गौरतलब है कि इससे पहले हरियाणा एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने सोमवार को जिला पलवल में तैनात सहायक कृषि अभियंता आमीन को 45 हज़ार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी द्वारा इस रिश्वत की मांग शिकायतकर्ता को कृषि विभाग द्वारा संचालित योजना के तहत सब्सिडी का लाभ देने के बदले में की जा रही थी।







