सिरसा,27 अगस्त : हरियाणा के सिरसा से कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा बयान दिया है. सोमवार को कहा कि वह वादा करती हैं कि अगर उनकी पार्टी हरियाणा में विधानसभा चुनाव जीतकर सत्ता में आती है तो जाति आधारित जनगणना कराई जाएगी. कुमारी सैलजा ने दावा किया कि देश के 74 प्रतिशत लोगों ने जाति आधारित जनगणना कराने की मांग का समर्थन किया है.
राज्य में कांग्रेस की सरकार बनते ही कराई जाएगी जाति आधारित जनगणना
कुमारी सैलजा ने कहा, “दलित विरोधी, आरक्षण विरोधी बीजेपी को इसे रोकने के सपने देखने बंद कर देने चाहिए.” पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, “राज्य में कांग्रेस की सरकार बनते ही जाति आधारित जनगणना कराई जाएगी.” हरियाणा में एक अक्टूबर को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होना है. इस चुनाव में कांग्रेस की नजर बीजेपी को सत्ता से हटाने पर है.इससे पहले कुमारी सैलजा ने कहा कि हरियाणा में युवा नशे की लत के शिकार हो रहे हैं और राज्य के 22 में से 13 जिले इस समस्या से बुरी तरह प्रभावित हैं. सिरसा से सांसद ने यह भी कहा कि पंजाब और राजस्थान की सीमा से लगे हरियाणा के इलाकों में मादक द्रव्यों के दुरुपयोग के मामले अधिक हैं. सैलजा ने एक बयान में आरोप लगाया कि हिसार, सिरसा, भिवानी-महेंद्रगढ़, अंबाला और कुरुक्षेत्र प्रभावित हैं और इसी तरह उत्तर प्रदेश की सीमा से लगे निर्वाचन क्षेत्रों जैसे करनाल, सोनीपत, फरीदाबाद और गुरुग्राम में भी मादक पदार्थ बड़े पैमाने पर बेचे जा रहे हैं.
हरियाणा की स्थिति अब भयावह
कांग्रेस सांसद ने कहा कि एक समय दूध और दही के लिए प्रसिद्ध हरियाणा की स्थिति अब भयावह हो गई है. उन्होंने कहा, “आंकड़े इस स्थिति की पुष्टि करते हैं. राज्य के 22 जिलों में से 13 जिले मादक द्रव्यों के दुरुपयोग से बुरी तरह प्रभावित हैं और मादक पदार्थों की तस्करी के लिए प्रमुख केंद्र बन गए हैं. सरकार इस मुद्दे पर निष्क्रिय रही, और अगर उन्होंने कार्रवाई की होती, तो मादक पदार्थों के तस्कर इस भूमि पर काम नहीं कर पाते.”
बीजेपी सरकार ने राज्य को बनाया मादक पदार्थ, अपराध और बेरोजगारी का केंद्र
कुमारी सैलजा ने दावा किया, “अपने 10 साल के कार्यकाल के दौरान बीजेपी सरकार ने राज्य को मादक पदार्थ, अपराध और बेरोजगारी का केंद्र बना दिया है.” उन्होंने कहा, “सिरसा में एक के बाद एक युवा नशे की ज्यादा खुराक के कारण मर रहे हैं. सिंथेटिक ड्रग्स अब शहरों के अलावा गांवों तक पहुंच गया है.” उन्होंने कहा कि राज्य में नशा मुक्ति केन्द्रों की स्थिति भी खराब है तथा मनोचिकित्सकों की भी कमी है.







