13 अगस्त, यमुनानगर : यमुनानगर के नगली गांव में शिक्षा की बुनियादी सुविधा का अभाव होने के कारण ग्रामीणों और अभिभावकों ने विरोध प्रदर्शन किया। पिछले चार महीनों से सरकारी स्कूल में एक भी अध्यापक नियुक्त नहीं होने से गुस्साए ग्रामीणों ने स्कूल के गेट पर ताला जड़ दिया और शिक्षा विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले चार महीनों से नगली के इस सरकारी स्कूल में एक भी अध्यापक नहीं है। इस वजह से बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह से ठप पड़ी है। अभिभावक कई बार शिक्षा विभाग के अधिकारियों से इस समस्या का समाधान करवाने की अपील भी कर चुके हैं, लेकिन अभी तक शिक्षा विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। ऐसे में अपने बच्चों के भविष्य को लेकर ग्रामीणों में चिंता बढ़ती जा रही है।
शिक्षा विभाग के खिलाफ नाराजगी, गेट पर जड़ा ताला
वीओ: मंगलवार को भी अध्यापकों की अनुपस्थिति से परेशान ग्रामीणों के सबर का बांध टूट गया और बच्चों के अभिभावकों ने एकजुट होकर स्कूल के गेट पर ताला जड़ दिया इसके बाद शिक्षा विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। उनका कहना है कि जिस स्कूल में अध्यापक ही नहीं है वह स्कूल किस काम का।
ग्रामीणों का दावा: अध्यापकों की नियुक्ति के लिए बार-बार किया अनुरोध, लेकिन कोई सुनवाई नहीं
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने शिक्षा विभाग को कई बार अध्यापकों की नियुक्ति के लिए पत्र लिखे हैं, लेकिन हर बार उनकी अपील अनसुनी कर दी जाती है। ग्रामीणों ने चेतावनी देते हुए कहा कि वह अब शिक्षा के अधिकार के लिए संघर्ष करेंगे और यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे। नगली के ग्रामीणों ने कहा कि उनके बच्चों का भविष्य अधर में लटक गया है। शिक्षा के अधिकार से वंचित इन बच्चों के लिए स्कूल में अध्यापक की नियुक्ति न होना गंभीर चिंता का विषय है। इस समस्या का समाधान जल्द से जल्द निकलना चाहिए, अन्यथा बच्चों का भविष्य दांव पर लग सकता है। जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारी धर्मेंद्र सिंह ने भी माना है कि वर्तमान में जिले के कई स्कूलों में शिक्षकों की कमी है। उन्होंने बताया कि कई शिक्षक अपनी ट्रांसफर करवाकर अपने-अपने होमटाउन में चले गए हैं, जिससे यमुनानगर के स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी आ गई है। धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि शिक्षा विभाग इस समस्या को हल करने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने जानकारी दी कि जल्द ही पंचकूला से शिक्षकों को यमुनानगर भेजा जाएगा। इस प्रक्रिया के पूरा होते ही जिले में शिक्षकों की कमी की समस्या का समाधान हो जाएगा, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई सुचारू रूप से चल सकेगी।







