हरियाणा, 13 अगस्त -एनएचएम कर्मचारियों द्वारा अपनी मांगों को लेकर आज सेक्टर 6 में भीख मांग कर अपना रोष व्यक्त किया। एनएचएम कर्मचारियों ने बाजार में लोगो से भीख मांगी और सरकार के समक्ष अपनी मांग को रखा। प्रदर्शनकारियों ने कहा मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए भीख मांगी है ओर 15 अगस्त को रक्तदान करेगे।
आज 13 अगस्त को 19 वे दिन भी एनएचएम कर्मचारी सांझा मोर्चा हरियाणा के बैनर की नीचे एनएचएम कर्मचारियों का धरना लगातार जारी रहा। फंड की कमी को पूरा करने के उद्देश्य से आज प्रदेश भर में एनएचएम कर्मचारियों ने भीख मांगी व एकत्र राशि को हरियाणा सरकार के खजाने में जमा करने का निश्चय किया है, ताकि हरियाणा सरकार के खजाने पर पड़ने वाले अतिरिक्त बोझ की भरपाई की जा सके, एनएचएम कर्मचारियों ने कहाकि 1997 से एन एच एम कर्मचारी लगातार 27 वर्षो से स्वास्थ्य विभाग हरियाणा में सेवाएं दे रहे है । एनएचएम कर्मचारियों का पिछले 27 वर्षों से लगातार शोषण किया जा रहा है व एनएचएम कर्मचारियो का दैनिक वेतन मनरेगा के तहत मिलने वाली दैनिक मजदूरी से भी कम है जो कि वर्ष 2024-25 मे 363 रू प्रतिदिन है जबकि एक एनएचएम कर्मचारी को शुरूआत मे 5 वर्षो के लिए आज भी मात्र 7580 रू प्रतिमाह (लगभग 252 रू प्रतिदिन) मिलते है और विगत 10 वर्षो से भी ज्यादा समय से इसमे कोई बढोतरी नही हुई है।एनएचएम कर्मचारियों की भर्ती स्थानीय स्तर पर हरियाणा सरकार के रोजगार नियमानुसार हुई थी और इसमें हरियाणा के निवासियों को प्राथमिकता दी गई थी व एनएचएम कर्मचारी हरियाणा प्रदेश के आमजन की स्वास्थ्य की रक्षा के प्रति वचनबद्ध है जिसके कारण हरियाणा प्रदेश की मातृत्व मृत्यु दर व शिशू मृत्यु दर भी देश मे सबसे कम है। हरियाणा सरकार के उच्च अधिकारी एनएचएम कर्मचारियो के साथ हुई बैठको के दौरान केन्द्र से मिलने वाले सहायता राशी की कमी व राज्य पर आर्थिक बोझ बढने का हवाला देकर एनएचएम कर्मचारियो की जायज मांगो को नकारते है और उनका पिछले 27 वर्षो से लगातार शोषण व दमन किया जा रहा है।







