कुरूक्षेत्र : चन्द्रिका ( TSN)- सरकार धर्म के आधार पर विधानसभा चुनाव जीतकर दोबारा सत्ता में आने के प्रयास में है। इसी मंशा के चलते हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के चुनाव अटकाए हुए हैं। सरकार चाहती है कि ये चुनाव विधानसभा चुनाव के बाद करवाएं जाएं, ताकि इन चुनावों में सिख मतदाताओं के वोट गुमराह करते हुए लिए जा सके। ये आरोप वरिष्ठ सिख नेता एवं हरियाणा सिख समाज संगठन के अध्यक्ष दीदार सिंह नलवी ने लगाए।
सरकार अपने फायदे के लिए नहीं करवाना चाहती चुनाव
पत्रकारों से बातचतीत में दीदार सिंह नलवी ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अगुवाई में प्रदेश सरकार ने गत छह मार्च के लिए हरियाणा कमेटी का चुनाव तय कर दिया था, लेकिन स्कूली परीक्षा व लोकसभा चुनाव के चलते स्थगित करना पड़ा था। लेकिन आज तक वर्तमान सरकार इस दिशा में कोई कदम नहीं बढ़ा पाई है. जबकि गुरुद्वारा एक्ट 2014 में स्पष्ट लिखा है कि 18 माह के दौरान संगत द्वारा चुनी हुई कमेटी के लिए चुनाव करवाए जाएं। अब करीब दो माह सरकार द्वारा बनाई कमेटी का कार्यकाल खत्म हुए हो चुके हैं जिसके बावजूद आगे कोई कार्य नहीं बढ़ाया गया है।उन्होंने बताया कि चुनाव की मांग को लेकर वे प्रतिनिधिमंडल के साथ 19 जुलाई को मुख्यमंत्री नायब सैनी से मिले थे तो उन्होंने भरोसा दिया था कि अगले तीन दिन में अधिसूचना जारी करवा दी जाएगी, लेकिन यह आज तक भी जारी नहीं हो सकी। इससे प्रदेश की संगत व सिख समाज में सरकार के प्रति रोष बना हुआ है।
नलवी ने कहा कि सरकार अपने फायदे के लिए चुनाव नहीं करवाना चाहती जबकि सरकार की ओर से बनाई कमेटी कार्यकाल खत्म होने के बाद भी कार्य संभाले हुए है। लेकिन ऐसे हालात में संगत व सिख समाज का भरोसा उठ रहा है। संगत सब जानती है और प्रदेश सरकार को इसका जवाब देना होगा। उन्होंने कहा कि वे चुप रहने वाले नहीं है और सरकार को यह चुनाव करवाना ही होगा।







