Home Haryana हरियाणा के 3000 सरकारी डॉक्टर हड़ताल पर स्वास्थ्य सेवाएं हुई ठप्प

हरियाणा के 3000 सरकारी डॉक्टर हड़ताल पर स्वास्थ्य सेवाएं हुई ठप्प

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कुरूक्षेत्र : चन्द्रिका (TSN)-आज हरियाणा प्रदेश के 3000 सरकारी डॉक्टर हड़ताल पर हैं।ऐसे में सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं ठप्प हैं। प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों में ओपीडी बंद रहेगी और डॉक्टर मरीज की जांच नहीं कर रहे क्योंकि वे हड़ताल पर हैं।केवल आपात सेवाएं ही बहाल रहेंगी। इनमें इमरजेंसी, ट्रामा सेंटर और पोस्टमार्टम रूम की सेवाएं जारी हैं।
कुरूक्षेत्र में भी 70 डॉक्टरों ने एक साथ डाली 2 दिन के अवकाश की अर्जी
बता दें कि हरियाणा की सरकारी डॉक्टरों की हड़ताल आज सुबह 8 बजे से शुरू हो चुकी है। हरियाणा मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन को बुधवार शाम 5:30 बजे सरकार से वार्ता के लिए बुलाया गया  था, लेकिन कुछ समय पहले ही वह वार्ता स्थगित कर दी गई। अब यह वार्ता आज दोपहर 12 के बाद होगी। ऐसे में एक बात तो तय है कि आज वीरवार का दिन सरकारी अस्पतालों में इलाज करने वाले मरीजों के लिए परेशानी भरा साबित होगा।अगर कुरुक्षेत्र जिले की बात करें तो संगठन से जुड़े जिले के सभी डॉक्टरों ने एक साथ दो दिन के लिए आकस्मिक अवकाश की अर्जी डाल दी है। इतना ही नहीं नर्सिंग स्टाफ भी अपनी मांगों के समर्थन में 2 घंटे तक कलम छोड़ हड़ताल पर रहेंगे। नर्सिंग स्टाफ पिछले दो दिनों से सरकार के खिलाफ कल रिबन लगाकर रोष जता रहे हैं। ऐसे में अब चिकित्सक और स्टाफ नर्स के एक साथ हड़ताल पर जाने से स्वास्थ्य सेवाओं का प्रभावित होना पक्का है।
केवल आपात सेवाएं बहाल, इमरजेंसी, ट्रामा सेंटर, पोस्टमार्टम हाउस चलेंगे
वहीं नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के तहत कार्यरत कर्मी भी हड़ताल पर जाने की चेतावनी दे रहे हैं। जिले की सीएचसी, पीएचसी समेत सरकारी अस्पतालों में एचसीएमएसए के साथ फॉरेंसिक विशेष, मेडिकल ऑफिसर समेत करीब 70 चिकित्सक जुड़े हुए हैं। इन चिकित्सकों के एक साथ हड़ताल पर जाने से आपातकालीन और पोस्टमार्टम सेवाओं पर असर पड़ेगा। हालांकि अनुबंध तौर पर अस्पताल में कार्यरत चिकित्सक अपनी ड्यूटी पर हैं।
उधर, नर्सिंग स्टाफ पहले से सरकार के खिलाफ रोष जता रहा है। एसोसिएशन की जिला प्रधान गुरमीत कौर ने बताया कि जिले में नर्सिंग वेलफेयर एसोसिएशन में शामिल 250 से ज्यादा कर्मी आज सुबह नौ से 11 बजे तक कलम छोड़ हड़ताल पर रहेंगे। इस दौरान कोई भी काम नहीं किया जाएगा। हालांकि आपातकालीन और लेबर वार्ड में कर्मी अपनी ड्यूटी देते रहेंगे। उनकी मांग है कि उनको केंद्र के समान नर्सिंग अलाउंस 7200 रुपये दिया जाए। साथ ही नर्सिंग कैडर को केंद्र की भांति ग्रुप-सी की बजाय ग्रुप-बी में शामिल किया जाए।
एचसीएमएसए के जिला प्रधान डॉ. प्रदीप नागर ने बताया कि सभी चिकित्सक दो दिन के आकस्मिक अवकाश पर चले गए हैं। वीरवार से उनसे जुड़े चिकित्सक घर पर ही रहेंगे। इस दौरान सरकारी अस्पतालों में पोस्टमार्टम समेत आपातकालीन सेवाएं भी ठप रहेंगी। पंचकूला में चल रही भूख हड़ताल में जिले से दो चिकित्सक शामिल होने जाएंगे। प्रत्येक जिले से उस हड़ताल में भागीदारी निभाई जाएगी।

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