करनाल : चन्द्रिका ( TSN)- मानसून सीजन सिर पर है और यमुना नदी में अभी तक भी बाढ़ बचाव के कार्य शुरू नही हुए हैं । बड़ा सवाल ये हैं कि महज आठ दिनों में तीस करोड़ लागत के काम कैसे होंगे । नदी में स्टड और तटबंध का काम नही होने से किसान मायूस है, बीते साल की तरह इस बार भी बड़े नुकसान की आशंका से ग्रामीण दहशत में है ।
बाढ़ के खतरे की आशंका से ग्रामीण दहशत में
दा समर न्यूज़ की टीम ने जब यमुना क्षेत्र में निर्माण कार्यों का जायजा लिया तो बाढ़ बचाव को लेकर किए गए सिंचाई विभाग के दावे हवा हवाई नजर आए । करनाल जिले में करीब तीस करोड़ की लागत से यमुना नदी में 23 स्टड के निर्माण और मुरम्मत का काम होना था । विभाग ने दावा किया था कि बाढ़ बचाव के सभी कार्य 30 जून से पहले पूरे कर दिए जाएंगे लेकिन अभी तक ये काम शुरू भी नहीं हुए है । यमुना क्षेत्र के किसानों को डर है कि बीते साल की तरह इस वर्ष भी यमुना नदी में बाढ़ आने पर उनकी फसले तबाह हो जायेगी । किसानों ने बताया कि अभी तक सिर्फ नदी पर पत्थर आया है लेकिन स्टड बनाने का काम शुरू भी नहीं हुआ । आठ दिनों में ये काम पूरा होना संभव नहीं है । किसानों का आरोप है कि तटबंध मजबूत करने के काम में जानबूझकर देरी की जाती है । जब नदी में पानी आएगा उस समय ठेकेदार आनन फानन में नदी के अंदर पत्थर फेंक देंगे । किसानों ने बाढ़ बचाव के कार्य को लेकर विभाग पर सवाल उठाए है ।
सिंचाई विभाग के एसडीओ करनैल सिंह का कहना ये
सिंचाई विभाग के एसडीओ करनैल सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष हमारे करनाल के बाढ़ राहत से जुड़े आठ कार्यों को मंजूरी मिली थी, इनमें से तीन कार्य 30 जून तक पूरे हो जाएंगे। बाकी पांच कामों को पूरा करने के लिए पत्थर की सप्लाई जारी है। पिछले दिनों आचार संहिता के कारण इन कार्यों में देरी हुई लेकिन हम इन्हें जल्द पूरा करने के प्रयास में है। काम की क्वालिटी के सवाल पर उन्होंने कहा कि जो भी डिजाइन और ड्राइंग मंजूर हुई है उसी के हिसाब से काम को तसल्ली से पूरा किया जा रहा है। मानसून से पहले बाढ़ से निपटने की तैयारी पर उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा इसकी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। इसके लिए एक कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन नंबर के साथ संवेदनशील स्थानों पर मशीनरी का प्रबंध भी किया जा रहा है।
एसडीओ ने यमुना क्षेत्र में सभी संवेदनशील स्थानों को सेफ जोन में लाने का की बात भी कहीं। उन्होंने कहा कि कुंडाकला व अन्य स्थानों पर अधिकतर मरम्मत का काम है जो किया जा रहा है। तटबंध टूटने के सवाल पर उन्होंने कहा कि जब तेज बारिश आती है और पानी का बहाव अधिक होता है तो तटबंधों को नुकसान होता है, इन्हें पत्थर डालकर मजबूत किया जा रहा है। करनैल सिंह ने कहा कि चाहे यूपी की तरफ हो या हरियाणा दोनों तरफ ही स्टड बनाए जाते हैं और हर साल इन्हें रिपेयर करने की आवश्यकता पड़ती है। यमुना में अवैध खनन के सवाल पर उन्होंने कहा कि करनाल जिले में ऐसी कोई स्थिति नहीं है। जहां भी खनन हो रहा है वह कानूनन चल रहा है।







