करनाल : चन्द्रिका ( TSN)- कौन कहता है कि आसमान में छेद नहीं हो सकता, जरा तबीयत से पत्थर को उछालो तो यारो. इस मुहावरे को सही साबित किया है करनाल की बेटी गिरिशा ने। इसके लिए मेहनत और संघर्ष करना पड़ता है और वो संघर्ष नतीजा लेकर आया है। करनाल के सेक्टर 8 की रहने वाली बेटी गिरिशा चौधरी का यूपीएससी में 263 वा रैंक आया है। गिरिशा का ये आखिरी अटेम्प्ट था, जिसमें उन्होंने छक्का मार दिया और यूपीएससी क्रेक कर दिया।
नायब तहसीलदार के पद पर थी तैनात..लास्ट एटेम्पट पर पास किया एग्जाम
बता दें कि गिरिशा ने इससे पहले एक बार इंटरव्यू दिया था, ये यूपीएससी में उनका दूसरा इंटरव्यू था, जिसमें वो पास हो गई। अभी गिरिशा रेवाड़ी जिले के हल्के में नायब तहसीलदार के पद पर तैनात हैं, पिछले साल उनका एचसीएस में 30 वा रैंक आया था, तब भी परिवार में काफी खुशी थी। आज बेटी जब गुरुग्राम से करनाल अपने घर आई तो गिरिशा का फूल मालाओं के साथ स्वागत किया गया, मिठाई खिलाई गई। घर में बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। पिता और माता दोनों बैंक में अधिकारी हैं और उनकी बेटी ने अब यूपीएससी में शानदार रैंक हासिल करके उनका नाम रोशन किया है।गिरिशा ने कहा कि वो काफी खुश हैं, जिंदगी में उन्हें काफ़ी असफलताएं मिली हैं, लेकिन आज जो कामयाबी मिली है उसके तले सभी असफलताएं दब गई हैं। नायब तहसीलदार का अच्छा अनुभव है, अभी इलेक्शन ड्यूटी लगी हुई है, अभी तक वोट दिए थे, अब वोट दिलवाने है, इस बात को लेकर काफी उत्साहित हैं। उन्होंने कहा जब 4 अटेम्प्ट हुए तो वहां पर सफलता नहीं मिली थी, जिससे काफी निराशा हुई पर अब सफलता से काफी खुशी हैं, कई कई घंटे पढ़कर जो मेहनत की उसकी सफलता मिली है। आईपीएस या आईआरएस मुझे मिल सकता है, मुझे पब्लिक के लिए काम करना है और यही मैंने सीखा।







