रोहतक : चन्द्रिका ( TSN)- इनेलो नेता अभय चौटाला ने हिसार लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार रणजीत चौटाला को मंत्री पद से हटाने और अयोग्य घोषित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि रणजीत चौटाला भाजपा में शामिल हो गए और अपना इस्तीफा भी विधानसभा अध्यक्ष को भेज दिया। लेकिन आज तक उन्हें अयोग्य घोषित नहीं किया गया। क्योंकि अगर अयोग्य घोषित किया जाता है तो मंत्री पद भी चला जाएगा और दोबारा रणजीत चौटाला मंत्री नहीं बन सकते। इसलिए इस मामले में हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता की भूमिका भी संदेह के घेरे में है।
जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई हिंसा का मुद्दा उठाया
अभय चौटाला मंगलवार को रोहतक में इनेलो की बैठक में पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने फरवरी 2016 में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान प्रदेश में हुई हिंसा का मुद्दा भी उठाया। इसी क्रम में उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर भी गंभीर आरोप लगा दिए।उन्होंने हुड्डा के राजकुमार सैनी से गहरे संबंध होने की बात कही। उन्होंने कहा कि तत्कालीन भाजपा सांसद राजकुमार सैनी ने आरक्षण आंदोलन के दौरान भड़काने का काम किया। अब राजकुमार सैनी ने इंडी गठबंधन का समर्थन किया है। खुद राजकुमार सैनी यह बात कह चुके हैं कि उनके पास पूर्व केंद्रीय मंत्री जयप्रकाश, हुड्डा के दूत बनकर आए थे। बाद में हुड्डा से उनके घर पर मुलाकात हुई थी। उन्होंने कहा कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा की भाजपा से मिलीभगत है और यह बात कई बार साबित भी हो चुकी है। अब हुड्डा को अरविंद केजरीवाल की तरह जेल जाने में डर लग रहा है। इसलिए वे भाजपा का साथ दे रहे हैं।
सिरसा और कुरूक्षेत्र लोकसभा सीट से जीत का दावा
वहीं, एक अन्य सवाल के जवाब में अभय चौटाला ने बताया कि लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार तय करने हेतु 5 सदस्यीय कमेटी गठित की थी। इस कमेटी ने प्रदेश के हर जिला में जाकर चुनाव लड़ने के इच्छुक कार्यकर्ताओं के बारे में जानकारी हासिल की। लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार तय करने के लिए पार्टी सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला को अधिकृत किया गया है। उन्होंने सिरसा और कुरूक्षेत्र लोकसभा सीट से जीत का दावा किया। जेजेपी का नाम लिए बगैर अभय चौटाला ने कहा कि जो हमे छोड़कर गए थे वे तो खत्म ही हो गए, उनका तो जिक्र ही नहीं। वे जिस तेजी से आए थे, उसी तेजी से चले गए।







