हरियाणा(TSN): हरियाणा के युवाओं को न+शे से दूर रखने के लिए हरियाणा नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो अब पहाड़ों की पुरानी और लोकप्रिय परंपरा का सहारा लेने जा रहा है। हरियाणा नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने बुधवार को करनाल जिले के इंद्री शहर के वार्ड 11 से इस अभियान की शुरुआत की हैं। इस कार्यक्रम में न+शे के आदी लोगों को एक कार्यक्रम में लूण- लोटा से कसम दिलवाई गई। हरियाणा नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के डी.एस.पी सतीश कुमार ने बताया कि इसका उद्देश्य नशी+ली दवाओं के आदी लोगों के व्यवहार में बदलाव लाना है।
अधिकारियों ने बताया की इस पहल के तहत युवाओं को पहले न+शे से होने वाले नुकसान के बारे में बताने के बाद और यह बताया जाएगा कि राज्य में नशी+ली दवाओं के तस्क+रों के खिलाफ सख्त कदम उठाया जा रहा है। पुलिस ऐसे लोगों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। इस कारण से दर्जनों तस्कर जे+ल की हवा खा रहे हैं। हरियाणा पुलिस की टीमें कार्यक्रम को करवाने के लिए ग्रामीण समुदायों से संपर्क कर रही हैं। एनसीबी के अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान नशी+ली दवाओं की तस्करी के खिलाफ सिर्फ एक रणनीति से कहीं अधिक होगा।
तस्क+रों और नशे+ड़ियों की होगी पहचान
अभियान के तहत गांव में नशी+ली दवाओं के तस्कर और उपभोक्ताओं की पहचान करने के बाद, उन्हें गांव में ही समुदाय, बुजुर्गों और पंडितों के सामने लाया जाएगा। सबके सामने उन्हें बताया जाएगा कि न+शे से उन्हें, उनके परिवार और समुदाय को कितना नुकसान हो रहा है। इतना ही नहीं, अगर वे आजीविका के लिए ऐसा कर रहे हैं, तो उन्हें बताया जाएगा कि गरीबी रेखा से नीचे के लोगों के लिए सरकार की कई योजनाएं हैं।
क्या है लूण- लोटा की कसम
लूण- लोटा नमक की कसम मजबूत कसम मानी जाती है। इस कसम को ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा माना जाता है। पुराने जमाने में यह कसम एक प्रकार से अदालत का काम करती थी। जो सच अदालत में भी साबित नहीं होता था, उसे साबित कराने के लिए लोटा नमक से कसम दिलाकर साबित किया जाता था। अब इस परंपरा के जरिए ही लोगों के वोट हासिल करने की कोशिश की जाती है। ग्रामीण इलाकों में यह आज भी प्रचलित है।







