हरियाणा (एकता): हरियाणा पुलिस के एक इंस्पेक्टर की हत्या की साजिश रचने वाले तीन शूटरों को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मीडिया सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार आरोपी सोनीपत के संदीप बडवासनिया गिरोह के सदस्य हैं। बताया जा रहा है कि पुलिस ने इनके पास से दो सिंगल सूट पिस्टल व 14 कारतूस बरामद किए। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि गांव मुंगेशपुर निवासी गौरव राणा उर्फ मिनी संदीप बडवासनिया गिरोह का शार्प शूटर है। वह किसी पुराने झगड़े के चलते अपने ही गांव के ही बदमाश की हत्या के लिए पैसों का इंतजाम कर रहा है। इसके बीच ही पुलिस को सूचना मिली कि राणा अपने साथियों के साथ द्वारका में छिपा हुआ है। सूचना के बाद पुलिस टीम गठित की गई।
टीम ने घेराबंदी कर तीनों शूटरों को गिरफ्तार कर लिया। हैरानी की बात यह है कि इस संदीप बड़वासनी गिरोह और रामकरण गिरोह की रंजिश में कई लोग अपनी जान से हाथ धो बैठे हैं। रामकरण गिरोह के एक सदस्य सत्यवान मलिक, जो कि पहले ही मारा जा चुका है उसका भतीजा हरियाणा पुलिस में इंस्पेक्टर हैं। ऐसे में आरोपियों को शक था कि संदीप बडवासनिया की हत्या के पीछे इंस्पेक्टर का हाथ था लेकिन ऐसा नहीं था। बस इसी गलतफहमी की वजह से वह उसकी हत्या की साजिश रच रहा था। गौरतलब है कि सोनीपत संदीप बडवासनी ने शराब तस्करों से बदला लेने के लिए साल 2014-15 में अपना गिरोह तैयार किया था। बाद में संदीप की हत्या हो गई। इसके बदले के लिए रोहतक में सत्यवान मलिक की हत्या कर दी थी।







