अंबाला (अंकुर कपूर): अंबाला छावनी के गांधी ग्राउंड में कार्यालय विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) वस्त्र मंत्रालय भारत सरकार की ओर से 10 दिवसीय अम्बाला क्राफ्ट बाजार मेले का आयोजन किया गया। इस मेले में कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक शिल्पकारों की हैंडमेड आइटम्स की प्रदर्शनी लगाई गई है, जिसे रोजाना अनेक लोग देखने के लिए आ रहे हैं और खरीदारी भी कर रहे हैं। इससे शिल्पकारों का मनोबल और अधिक बढ़ रहा है। किस तरीके से वे अपनी शिल्पकला को बचाने के लिए लगे हुए हैं। इसलिए इनकी शिल्पकारी को उभारने के लिए कार्यालय विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) भारत सरकार भी इन्हें सहयोग दे रहा है।

इस मेले को देखने भारी संख्या में अंबाला के लोग आ रहे हैं और जमकर खरीदारी भी कर रहे हैं। भारत सरकार शिल्पकारों को 500 रुपए प्रतिदिन प्रोत्साहन राशि के तौर पर दे रही है। साथ ही उनके रहने व यहां तक आने का खर्चा भी दे रही है। इतना ही नहीं यहाँ पर आये शिल्पकारों के सामान पर GST भी नहीं लगाई जा रही है। स्वदेशी को बढ़ावा देने के लिए और शिल्पकारों को एक अच्छा प्लेटफार्म देने के लिए भारत सरकार के द्वारा ये कदम उठाया गया है।

उन्होंने इसके लिए भारत सरकार का भी आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि उनका आने-जाने व यहां पर रहने का सारा खर्च सरकार द्वारा दिया जा रहा है। क्राफ्ट मेले में आए मूर्ति कार ने भी भारत सरकार की जमकर तारीफ की। बता दें कि ये मूर्तिकार विदेशों में भी जाकर अपनी मूर्तियां बेचता है। उसने मेले में बहुत प्रकार की मूर्तियों की प्रदर्शनी लगाई हुई है। क्राफ्ट मेले में खरीदारी करने आए स्थानीय निवासी ने सरकार के इस कदम की जमकर सराहना करते हुए कहा कि ऐसे मेले सरकार द्वारा निरंतर लगाए जाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि एक बार फिर से पुरानी यादें ताजा हो गई हैं। फ्री ऑफ कॉस्ट जिसमें 100 स्टाल बाजार में बनाकर उनको फ्री ऑफ कॉस्ट देते हैं। उन्होंने बताया कि आने-जाने का भाड़ा साथ ही 1000 रुपए पर आर्टिकल उनको दिया जाता है और 500 रुपए प्रीतिदिन के हिसाब से शिल्पकारों को दिया जाता है। उन्होंने बताया कि बिचौलियों से बचाने के लिए साथ ही वो अपना सामान सीधा ग्राहक को बेच सकते।







