अंबाला (अंकुर कपूर): मसीहा बनकर क्रिकेटर ऋषभ पंत की जान बचाने वाले हरियाणा रोडवेज के ड्राइवर सुशील कुमार और कंडक्टर परमजीत सम्मानित हुए। बता दें कि गणतंत्र दिवस के मौके पर उन्हें उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा सम्मानित किया गया। दोनों पानीपत डिपो में तैनात हैं और हरियाणा के करनाल जिले के रहने वाले हैं।
चालक ने आपबीती सुनाई कि वे हादसे के समय बस लेकर हरिद्वार से पानीपत आ रहे थे। अचानक दिल्ली की तरफ से आ रही एक कार डिवाइडर से टकरा गई। उन्होंने बताया कि डिवाइडर से टकराने के बाद वह कार दूसरी तरफ आ गई। उन्होंने तुरंत बस को सर्विस लाइन से हटाकर दूसरी तरफ डाल दिया। जिससे कार और बस में टक्कर होने से बच गई। इसके बाद उन्होंने देखा कि एक व्यक्ति कार से बाहर गिरा था।

सुशील ने बताया कि उसकी हालत देखकर लग रहा था कि उनकी जान नहीं बचेगी। कार में आग लगी हुई थी। सबसे पहले हमने उसे उठाकर कार से दूर किया। जब उससे उसका नाम पूछा तो पता चला कि वह क्रिकेटर ऋषभ पंत है। हालांकि क्रिकेट को लेकर जानकारी न होने के चलते उसको तभी भी इसका पता नहीं चला। चालक ने उनको अपनी चादर में लपेटा और एंबुलेंस को फोन किया। इसके चलते गणतंत्र दिवस के मौके पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री द्वारा भी चालक-परिचालक को मानवता का धर्म निभाने के लिए सम्मानित किया गया।
गौरतलब है कि पिछली 30 दिसंबर को क्रिकेटर की कार सड़क हादसे का शिकार हो गई थी। पंत को सिर और घुटने में गंभीर चोटें आईं थी। इसके अलावा उनकी पीठ और पैर के कुछ हिस्सों में भी चोट आई थी।







