Home Haryana अंबाला में पे ग्रेड की मांग को लेकर 2 दिन से हड़ताल...

अंबाला में पे ग्रेड की मांग को लेकर 2 दिन से हड़ताल पर बैठे पटवारी और कानूनगो (देखें वीडियो)

173
0

अंबाला (अंकुर कपूर): अंबाला में पिछले लगभग 2 दिन से अपनी मांगों को लेकर पटवारी और कानूनगो हड़ताल पर बैठे हैं। वह लगातार ये मांग कर रहे हैं कि उनके पेग्रेड को बढ़ाया जाए, जिसके चलते पटवारखानों पर ताले लटके दिखाई दे रहे हैं। वहीं उनकी हड़ताल का असर सीधा आम जनता पर भी पड़ रहा है। आम जनता को अपने काम करवाने के लिए इधर-उधर धक्के खाने पड़ रहे हैं।

मीडिया से बात करते हुए पटवारियों ने बताया कि उनकी मुख्य मांग पेग्रेड को लेकर है काफी पुराने समय से उनके साथ ही समस्या चल रही है। पे ग्रेड कानूनगो और पटवारियों का काफी कम है। इसकी बढ़ोतरी के लिए वे लोग धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। 3 दिन की हड़ताल पर वे लोग बैठे हैं, उसके बाद जो भी निर्णय होगा तभी यह लोग अपने काम के लिए वापसी करेंगे।

पटवारियों ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि उनकी पे ग्रेड अपग्रेडेशन काफी लंबे समय से पेंडिंग पड़ी हुई है, उसी को लेकर वे लोग धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि दूसरे डिपार्टमेंट में ट्रेनिंग भी कम है। उनकी ट्रेनिंग डेढ़ साल की थी लेकिन दूसरे डिपार्टमेंट में 1 साल की या 6 महीने की ट्रेनिंग दी जाती है, फिर भी वह ज्यादा पे ग्रेड पर काम कर रहे हैं और इन लोगों को कम पे ग्रेड दिया जा रहा है। अगर बात करें एजुकेशन की और क्वालिफिकेशन की तो वह भी समान है तो उसी को लेकर यह धरना प्रदर्शन जारी है। 3 दिन के लिए हड़ताल की गई है और वर्क सस्पेंड भी किया गया है। अपने काम को लेकर धक्के खाती आम जनता ने बताया कि अगर बात करें आम जनता की तो पटवार खाना बंद होने के वजह से उनकी परेशानियां काफी बढ़ गई है।

लोग पटवार खाने के चक्कर काट कर परेशान हो गए हैं। उनका कहना है कि वे लोग दिन में जितनी भी बाहर आते हैं, उन्हें पटवारा खाना बंद मिलता है। इसकी वजह से उनके जरुरी काम अटके हुए हैं। वह अपना काम छोड़कर यहां आते हैं, लेकिन फिर भी उनके कागज़ी काम जैसे इंतकाल और अन्य काम नहीं बनते। ऐसे में उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रशासन को पटवारियों के बारे में सोचना चाहिए, उनकी मांगों को मानना चाहिए ताकि आम जनता को ये परेशानियां न झेलनी पड़े।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here